देवरिया। पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर अभी कुछ दिन और देवरिया जेल में रहेंगे। लखनऊ सीजेएम कोर्ट का फैसला सुरक्षित होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं देवरिया में जिला जज की कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद अभी बचाव पक्ष जमानतदारों का विवरण कोर्ट में दाखिल नहीं कर पाया है। इससे जेल से बाहर आने में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं।
पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के देवरिया कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि अमिताभ ठाकुर के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में दर्ज प्राथमिकी में कोर्ट ने वारंट बी जारी किया है। इसके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में बुधवार को बहस हुई, इसमें कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में बृहस्पतिवार को भी कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाया। अब शुक्रवार को फैसला आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अमिताभ ठाकुर के खिलाफ पूर्व में गोमतीनगर थाने में दर्ज प्राथमिकी को गोमती नगर विस्तार थाने में स्थानांतरित किया गया है। इस मामले में 29 जनवरी को लखनऊ सीजेएम कोर्ट में अमिताभ ठाकुर को उपस्थित होना है। इसके लिए वारंट बी जारी किया गया है। प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि
देवरिया में दर्ज मामले में जिला जज की कोर्ट से जमानत मिल गई है। इसमें जमानतदार भी मिल गए हैं। इनका विवरण कोर्ट में दाखिल नहीं हो पाया है। इसको दाखिल होने के बाद उनका सत्यापन होगा। इसके बाद जमानत की कार्रवाई होगी। इससे पूर्व लखनऊ कोर्ट से वारंट बी का निरस्त होना आवश्यक है। फिलहाल लखनऊ सीजेएम कोर्ट के फैसले पर सब कुछ निर्भर है।