मईल। देवरहा बाबा गुफा मंदिर में पूजा-पाठ और जमीन के अधिकार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। महंत बालमुकुंद दास के निधन के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए मंदिर परिसर में एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। इस बीच 18 अक्तूबर को महंत के ब्रह्मभोज पर भंडारा कराने की तैयारी चल रही है।
देवरहा बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास महाराज ने शुक्रवार को एडीएम प्रशासन से मुलाकात कर मामले से अवगत कराया। उनका दावा है कि बाबा के नाम से स्थापित मंदिर आश्रम के अधीन हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने 18 अक्तूबर को गुफा मंदिर में भंडारा कराने की अनुमति दी है। इसमें अयोध्या और काशी से सैकड़ों साधु-संतों के शामिल होने की संभावना है। पीठाधीश्वर ने जिला प्रशासन को पत्र देकर आरोप लगाया कि महंत के निधन के बाद कुछ लोग मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार क्रियाकर्म कराने में बाधा डालने का भी आरोप लगाया है।
दूसरे पक्ष का कहना है कि मंदिर का संचालन और अधिकार ट्रस्ट कमेटी के पास है। वह भी परिसर में भंडारा कराने की तैयारी कर रहा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस और प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है।