तरकुलवा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरकुलवा में इलाज न मिलने के आरोप में मंगलवार देर रात परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जिस कारण एक 19 वर्षीय युवक की जान चली गई।
घटना से आक्रोशित परिजन और कस्बे के व्यापारी अस्पताल पहुंचे और काफी देर तक बवाल किया। बाद में लोगों के समझाने-बुझाने पर परिजन शव को घर ले गए और बुधवार सुबह छोटी गंडक नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया। जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत कस्बा के थाना रोड निवासी खजांची जायसवाल किराने की दुकान चलाते हैं। मंगलवार देर रात उनके पुत्र कृष्णा जायसवाल (19) की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन तत्काल एंबुलेंस से उसे सीएचसी तरकुलवा लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उस समय इमरजेंसी में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। समुचित इलाज न मिलने पर कृष्णा की मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही अन्य व्यापारी भी अस्पताल पहुंच गए और आक्रोश जताते हुए हंगामा करने लगे। लोगों का कहना था कि सीएचसी पर रात में अक्सर डॉक्टर मौजूद नहीं रहते, जिससे मरीजों की जान पर बन आती है।
वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि युवक को एंबुलेंस से पहले से ही मृत्यु अवस्था में लाया गया था। इमरजेंसी में तैनात डॉ. आलोक गुप्ता ने जांच कर उसे मृत घोषित किया। अधीक्षक का कहना है कि परिजन बिना कारण आरोप लगा रहे हैं।
वहीं घटना के बाद कस्बे में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि रात में सीएचसी पर डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।