किशोर के मौत के बाद हंगामा करते पतिजन
देवरिया। शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान चाकू से घायल किशोर की मौत के बाद बुधवार को परिवार वालों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल परिसर और गेट पर जमकर हंगामा किया।
महिलाओं ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर सड़क जाम करने की कोशिश की। परिवार वालों का आरोप है कि उपचार के दौरान अस्पताल की मांग पर कई यूनिट खून की व्यवस्था की गई।
उन्होंने अस्पताल में लिए गए खून का दुरुपयोग करने और उसे बेचने का आरोप लगाया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह परिवार वालों को शांत कराया। भटनी नगर में मंगलवार की रात में हुई चाकूबाजी में घायल सागर बाल्मीकि को देवरिया मेडिकल कॉलेज में राहत नही मिलने पर परिवार वालों ने शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करायाथा।
परिवार वालों का कहना है कि चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए तत्काल खून की व्यवस्था करने को कहा। परिवार के सदस्यों और परिचितों ने रक्तदान कर आवश्यक खून उपलब्ध कराया।
इलाज के बावजूद किशोर को बचाया नहीं जा सका। मौत की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में किशोर के परिवार वाले और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
उन्होंने मौके पर जमकर हंगामा किया और सड़क जाम करने की कोशिश भी की। हालांकि, पुलिस की सक्रियता से जाम नहीं लग पाया। सूचना पर कोतवाल राकेश राय और सीओ भाटपार रानी मनोज कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझा बुझाकर परिवार वालों को शांत कराया। परिवार वालों का कहना था कि यदि समय पर सही उपचार मिलता तो किशोर की जान बचाई जा सकती थी। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उपचार के दौरान उनसे जो खून मंगाया गया था, उसका उपयोग किशोर के उपचार में नहीं हुआ।