संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। गोर्रा नदी के बाढ़ से प्रभावित 64 गांवों को बचाने के बजाय सिंचाई विभाग डुबाने का प्रबंध कर रहा है। यहां पिड़रा-करनपुर बांध पर हो रहे निरोधात्मक कार्य में पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ खोखा सिंह ने धांधली का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग मझवा गांव के पास हो रहे कटानरोधी कार्य में बांध की मिट्टी का उपयोग कर रहा है। नायलॉन बैग की टैगिंग के लिए दूर से मिट्टी लाने की जगह बंधे की मिट्टी को काट कर स्लोप बनाया जा रहा है। इससे बांध कमजोर हो रहा है।
गोर्रा नदी के तटवर्ती गांवों को सिंचाई विभाग खतरे में डाल रहा है। गोर्रा नदी पिड़रा करनपुर बांध पर कई जगह कटान कर रही है। पिंडरा पक्के पुल के एप्रोच को तीन साल से काट रही नदी गांव का अस्तित्व मिटाने की ओर तेजी से बढ़ रही है।
नदी हर साल बरसात में दोआबा के 52 गांवों को जिला और तहसील मुख्यालय से काट देती है। पिड़रा पुल से बड़ी गाड़ियों का आवागमन बंद हो जाता है। यहां क्षेत्र के चार जनप्रतिनिधि मिलकर तीन साल से एक पुल का एप्रोच भी ठीक नहीं करा पा रहे हैं। कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाके में बाढ़ निरोधक कार्य के नाम पर सिर्फ लूट मची है।
बाढ़ प्रभावित 116 गांव को बचाने के लिए मेरे कार्यकाल में बना करीब 100 किलोमीटर बांध कहीं भी सुरक्षित नहीं है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग दहशत में हैं।