देवरिया। जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में गड़बड़ी के आरोप लगने लगे हैं। पर्याप्त कक्ष और संसाधन वाले कई राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया गया है, जबकि सीमित सुविधाओं वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इससे केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों की सूची 26 अक्तूबर को जारी हुई थी। जिले में करीब 1.15 लाख परीक्षार्थियों के लिए 160 विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। सूची में राजकीय हाईस्कूल बड़का गांव भी शामिल है, जहां सिर्फ नौवीं और 10वीं तक पढ़ाई होती है। पर्याप्त संसाधनों की कमी के बावजूद यहां 226 परीक्षार्थियों का केंद्र आवंटित किया गया है। वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज टीला टाली, शहीद प्रेमसागर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज टीकमपार, राजकीय इंटर कॉलेज बढ़पुरवा और नगवां खास स्थित विद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया गया है। इन विद्यालयों में पर्याप्त कक्ष होने की बात कही जा रही है।
पुराने सहायता प्राप्त विद्यालय बाहर सिंह श्रीनेत इंटर कॉलेज इंदूपुर को भी सूची में जगह नहीं मिली है। कुछ केंद्रों पर क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आवंटित किए जाने की भी बात सामने आई है।