देवरिया। अगली कक्षाओं में पंजीकरण के लिए 500 रुपये लेट शुल्क लेने के विरोध में शनिवार को बीआरडी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। उग्र छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही एवं विद्यार्थियों का शोषण करने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के प्रवेश द्वार के गेट को बंद कर दिया। इससे दो घंटे तक शिक्षक भी परेशान हुए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्रनेता मुकेश कुमार ने बताया कि बीए, बीएससी, बीएससी कृषि, एमएससी सहित अन्य कक्षाओं के अगले सेमेस्टर में प्रवेश प्रारंभ हुए हैं। सात, आठ व नौ फरवरी को गोरखपुर विश्वविद्यालय ने इसके लिए अपनी वेबसाइट खोली थी। हालांकि तकनीकी दिक्कतों के चलते इस बीच सर्वर ने विद्यार्थियों को खूब परेशान किया। इससे नौ फरवरी तक संबंधित छात्र-छात्राएं पंजीकरण नहीं करा पाए। ऐसे में महाविद्यालय के प्राचार्य ने आश्वासन दिया था कि शनिवार को शेष विद्यार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा। शनिवार को जब कॉलेज काउंटर पर छात्र पहुंचे तो पंजीकरण के नाम पर लिपिकों ने प्रति छात्र 500 रुपये लेट शुल्क मांगा। जबकि सर्वर जाम होने या फेल रहने के जिम्मेदार विद्यार्थी नहीं हैं, ऐसे में प्रति विद्यार्थी 500 रुपये लेट शुल्क लिया जाना कतई छात्रहित में नहीं है। जब इस मुद्दे को लेकर प्राचार्य कार्यालय में पहुंचे तो पता चला कि वह सुबह से ही नहीं आए हैं। इसके विरोध में विद्यार्थी धरना देने व प्रदर्शन करने को मजबूर हुए। जब तक इस शुल्क को वापस नहीं लिया जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में अनूप पाल, कर्मवीर सिंह, सर्वेश शाही, आजीत मिश्रा, आदित्य, मनीष, काजल, निकिता, पूजा यादव, प्रीति यादव आदि शामिल रहीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पंजीकरण की तिथि 14 फरवरी तक बढ़ा दी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को इससे अवगत करा दिया गया, जिसके बाद उन्होंने धरना खत्म कर दिया।
- डॉ. विनय रावत, प्रभारी प्राचार्य, बाआरडी पीजी कॉलेज