मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड ठप, गर्भवती महिलाएं परेशान
देवरिया। मेडिकल कॉलेज बने दो वर्ष हो गए, लेकिन यहां अव्यवस्था खत्म होती नहीं दिख रही। मरीजों की तमाम परेशानियों के बीच तीन दिन से अल्ट्रासाउंड जांच भी ठप हो गई है। अल्ट्रासाउंड न होने से गर्भवती महिलाओं को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर रोज करीब 40 महिलाओं को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। जरूरी होने पर कुछ मरीज निजी केंद्रों पर जांच कराने को मजबूर हैं।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में जिले के शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा बिहार के सीमावर्ती गांवों की महिलाएं इलाज कराने आती हैं। अस्पताल में हर रोज औसतन करीब दो सौ महिलाएं इलाज कराने आती हैं। इसमें रूटीन चेकअप के अलावा अन्य रोग से पीड़ित मरीज शामिल रहती हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ दवा के साथ जरूरत के मुताबिक जांच की सलाह देती हैं। इसमें करीब 65 गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच कराई जाती है। जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे के बारे में जानकारी हो सके, लेकिन एक दिन में तकरीबन 40 मरीजों की जांच ही हो पाती है। इसके लिए सुबह लाइन लगानी पड़ती है। इन परेशानियों के बीच बृहस्पतिवार को मशीन में खराबी आने से जांच ठप ही हो गई। शनिवार को भी मशीन की गड़बड़ी दूर नहीं हो सकी थी। गर्भवती महिलाओं को लेकर तीमारदार जांच के लिए सेंटर पर पहुंच रहे हैं तो जांच न होने की सूचना मिलने पर मायूस होना पड़ा रहा है। इसके बाद उन्हें भटकना पड़ रहा है। मजबूरी में मरीजों को निजी सेंटरों पर जाना पड़ रहा है, जहां जाने और जांच कराने में गर्भवती को परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं, जांच के लिए छह से साढ़े छह सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं धन खर्च करने में अक्षम लोग अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। रामपुर कारखाना क्षेत्र की रूबी, भलुअनी क्षेत्र की सावित्री, तरकुलवा क्षेत्र की सुमन बताया कि घर से चली कि अस्पताल में इलाज और जांच हो जाएगी, लेकिन यहां अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से दिक्कत हो रही है। बाहर से कराने पर अधिक पैसा लगेगा और समय भी बर्बाद होगा।
हर तीन माह में होता है अल्ट्रासाउंड
गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी होता है। डॉक्टर तीन, छह और नौ माह में जांच कराती हैं। इसके अलावा पेट की अन्य बीमारी में भी महिलाओं की जांच कराई जाती है। -
- मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से दिक्कत आ रही है। मशीन में आई गड़बड़ी दूर कराई जा रही है। जल्द ही मशीन ठीक हो जाएगी। इसके बाद जांच शुरू हो जाएगी।
- डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस