रिंग फेस्ट विधि से गन्ने के साथ सहफसली खेती के लिए चलेगा अभियान
जनपद की जलवायु बागवानी कृषि के अनुकूल, खरीफ की फसलों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता हो सुनिश्चित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कृषि, मत्स्य, गन्ना, उद्यान सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा बुधवार देर शाम कलक्ट्रेट सभागार में हुर्ह। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कृषि विभाग की योजनाओं से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने तथा जनपद की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बागवानी कृषि को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने मत्स्य विभाग की समीक्षा में जनपद में 0.2 हेक्टेयर से 2.0 हेक्टेयर के सभी तालाबों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। बताया गया कि इस समय मत्स्य विभाग की ओर से 2,875 तालाब मत्स्यपालकों को पट्टे पर दिए जाते हैं। उन्होंने नए सिरे से तालाबों की सूची तैयार कर बृहद करवाने पर पट्टा देने का अभियान चलने का निर्देश दिया। कहा कि बायोफ्लॉक एवं आरएएस पद्धति से मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को जागरूक किया जाए। मत्स्यपालन विभाग की ओर से बताया गया कि 19 एफपीओ का गठन किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने कहा कि खरीफ की फसलों के लिए उर्वरक की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने उर्वरक एवं कीटनाशकों की गुणवत्ता की जांच के लिए जनपद में टेस्टिंग लैब स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इस समय सैंपल लखनऊ एवं मेरठ लैब में भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट आने में काफी समय लगता है।
उद्यान विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने कहा कि केला, पपीता, लीची सहित विभिन्न फलों की बागवानी के लिए किसानों को जागरूक किया जाए। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर प्रगतिशील किसानों की संगोष्ठी आयोजित की जाए। जनपद की जलवायु एवं मृदा की स्थिति मुजफ्फरपुर की ही तरह है। यहां भी लीची की पैदावार बड़ी मात्रा में की जा सकती है। उन्होंने मधुमक्खी पालन करने के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। कहा कि जनपद में सरसो की खेती पर्याप्त मात्रा में होती है, जो मधुमक्खी पालन के लिए सर्वथा अनुकूल है। सरसो के खेत के आसपास के क्षेत्रों में बनने वाले शहद की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है, जिसकी वैश्विक बाजार में भारी मांग है। डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी को रिंग फेस्ट विधि से सहफ़सली खेती करने के लिए एफपीओ के गठन का निर्देश दिया। इस दौरान सीडीओ रवींद्र कुमार, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी मृत्यंजय कुमार, जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह यादव, डीसीओ धनीराम वर्मा, जिला कृषि रक्षा अधिकारी इरम आदि मौजूद रहे।