देवरिया। शुक्रवार की सुबह डीआईजी शिवसागर सिंह ने पुलिस लाइंस का निरीक्षण किया। परेड की सलामी लेने के बाद डीआईजी ने क्वार्टरगार्ड, भोजनालय और पुलिस लाइंस की व्यवस्था देखकर फीलगुड महसूस किया।
पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। एसपी प्रभाकर चौधरी की और से महकमे में कराए गए कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि रेंज में सबसे अधिक काम और रख-रखाव देवरिया में है।
परेड की सलामी देने के बाद डीआईजी ने अधिकारियों की सुरक्षा में चल रहे गनरों के असलहों को चेक किया। उन्होंने सभी को लाइन में खड़ाकर कार्बाइन खोलकर जोड़ने के लिए कहा। अधिकांश गनर अपने कार्य में फेल हो गए। डीआईजी ने सभी को 15 दिन की ट्रेनिंग कराने जाने की बात कहीं।
कारबाइन को ठीक करने के लिए एसपी प्रभाकर चौधरी को आगे आना पड़ा। लेकिन सीओ भाटपाररानी ने कार्बाइन को ठीक कर गनर को सौंपा। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन कंट्रोल रूम देखा और चेतक मोबाइल सीधे कंट्रोल रूम से जोड़े जाने पर एसपी की सराहना की।
पुलिसकर्मियों के लिए एअरकंडीशन सैलून, कैंटीन, धोबी और मोची वाले कमरे को देखकर प्रसन्नता जताई। पुलिस मेस में डीआईजी ने व्यंजनों का लुत्फ उठाया। शस्त्रागार की सुरक्षा और असलहों के रख-रखाव को देखा। देवरिया दो दिवसीय प्रवास के दौरान डीआईजी से देवरिया पुलिस की सराहना की।
मनोरंजन सभागार में उन्होंने सभी थानेदार और क्षेत्राधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग की। डीआईजी ने मातहतों को आवश्यक निर्देश दिया।
रामअशीष को मिला प्रशस्ति पत्र
बघौचघाट थानाध्यक्ष रहे रामअशीष यादव को थाने में रचनात्मक कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया। एसपी की ओर से थाने की सफाई और रंगाई के साथ बेहतर काम के लिए पुलिस लाइंस में उन्हें यह सम्मान दिया गया। पत्रकारों से डीआईजी ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उप निरीक्षक ने बेहतर काम किया था। मुआयना के दौरान बघौचघाट की व्यवस्था ठीक रही। पूरा श्रेय उप निरीक्षक रामअशीष को जाता है। उनका दूसरे जनपद में तबादला हो गया है।