एम्स की मांग को लेकर पानी बचाओ महासंघ के लोगों ने प्रदर्शन किया।
देवरिया में पानी बचाओ महासंघ ने एम्स की स्थापना की मांग को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन किया। संगठन का कहना था कि पूर्वांचल के लिए एम्स बेहद जरुरी है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता से अब तक बात कुछ आगे नहीं बढ़ सकी है। राष्ट्रपति को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया। इसके साथ ही सात अप्रैल से सत्याग्रह शुरू करने की चेतावनी दी।
मंगलवार को संगठन से जुड़े लोग शहर के टाउनहाल परिसर में एकत्र हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए सुभाष चौक पर पहुंचें। यहां से सिविल लाइंस पर प्रदर्शन करते हुए कचहरी चौराहे पर पहुंचे।
विजय जुआठा ने कहा कि पूर्वांचल का इलाका सबसे अधिक पिछड़ा है। हालात यह है कि इलाज के लिए बेहतर अस्पताल तक नहीं है। सरकारें पूर्वांचल के साथ भेदभाव कर रही है। आजादी का सात दशक पूरा होने को है लेकिन अब भी बेहतर इलाज के लिए महानगरों में जाना पड़ता है, जो लोगों के लिए अधिक खर्चीला साबित होता है। जिनके पास इलाज के लिए रकम नहीं होती है उसमें अधिकांश लोग अथवा उनके बच्चे इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं। ऐसे में इस इलाके के लिए एम्स की स्थापना आवश्यक है। ताकि इंसेफेलाइटिस समेत अन्य घातक बीमारियों से हजारों बच्चों की अकाल मृत्यु पर रोक लग सके। पूर्वांचल का इलाका कराह रहा है लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
प्रदर्शन में हाजी इकबाल अहमद, मंजू राजभर, हरिहर यादव, दुर्गाचरण चौरसिया, विनोद यादव, रामआसरे राजभर, रत्नेश मिश्र, हरिकेश गुप्त, अशोक यादव, जयप्रकाश सिंह, अशोक मालवीय, रामेश्वर, पारस, महंथ बजरंगी आदि शामिल रहे।