रुद्रपुर। देवरिया और गोरखपुर जिले के पांच युवक 21 अक्तूबर से मलयेशिया की जेल में बंद हैं। युवकों को विदेश भेजने वाले एक एजेंट ने 1.5 लाख रुपये लेकर फर्जी वीजा पर मलेशिया भेज दिया था। वीजा फर्जी पाए जाने पर मलयेशियाई पुलिस ने उन्हें जेल में बंद कर दिया। युवकों के परिवार वाले उनकी घर वापसी के लिए परेशान हैं। उन्होंने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और डीएम से युवकों को देश वापस लाने की गुहार लगाई है।
देवरिया जिले के रुद्रपुर नगर के मस्जिद वार्ड के रहने वाले भोला पटवा का बेटा अमरनाथ पटवा, गोरखपुर जिले के गजपुर के रहने वाले प्रद्युमन, सदरे आलम, शकील खान और शाहिद अली के साथ 30 सितंबर को थाईलैंड के रास्ते मलयेशिया गया था। नेपाल का रहने वाला एक एजेंट उन्हें ले गया था। उसने हर युवक से 1.5 लाख रुपये यानी कुल 7.5 लाख रुपये लेकर युवकों को मलयेशिया के एक मॉल में नौकरी के फर्जी कागजात और वीजा दे दिया था। कई दिन बैंकाक में ठहर कर पांचों युवक पानी के जहाज से मलयेशिया पहुंचे। वहां पुलिस ने जांच की तो वीजा फर्जी निकला। पांचों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। 21 अक्तूबर से मलयेशिया की जेल में बंद युवकों के परिवार के लोग चिंता में हैं। अमरनाथ के पिता भोला पटवा ने बताया कि जब से पता चला है कि बेटा मलयेशिया की जेल में बंद है, घर में चूल्हा नहीं जल रहा है। बेटे की रोजी रोटी के लिए कर्ज लेकर रुपये दिए थे। एजेंट ने धोखा दिया है। अब तो सरकार पर भरोसा है। उन्होंने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से बेटे को मलयेशिया की जेल से मुक्त कराने और घर वापसी की गुहार लगाई है।