संवाद न्यूज एजेंसी
एकौना,रुद्रपुर। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का समूह लोन के माध्यम से ठगी का मामला बढ़ता जा रहा है। पचलड़ी गांव में करीब 20 महिलाओं से गांव की ही एक महिला एजेंट, कंपनी के एक कर्मी की मिलीभगत से होली से पहले 20 लाख रुपये लेकर भाग गई। कर्ज में डूबीं महिलाएं अब कंपनी की वसूली के नाम पर धमकी से परेशान हैं। पचलड़ी गांव की एक महिला ने एक साल पहले गांव की महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें तीन माइक्रो फाइसेंस कंपनियों से कर्ज दिलाना शुरू किया। बाद में समूह से 40 से अधिक महिला जुट गईं।
दो माह पहले महिला एजेंट ने 20 महिलाओं का 30 से 60 हजार रुपये का हर महिला के नाम पर पशुपालन और घरेलू रोजगार के नाम पर लोन कराकर उनके खाते में रकम मंगाई।
गांव की महिला सुनीता देवी, पूनम देवी, कुसुम देवी, सुनीता, शैला देवी, द्रोपदी, हेमा शर्मा, रीना शर्मा, मीना देवी, रीता, शीला यादव, शशिकला, रेनू, शीला, रेशमा देवी, शैला आदि ने बताया कि महिला एजेंट समूह लोन कराने के बाद एक युवक को लेकर एक माह पहले गांव में आई और युवक को कंपनी का कर्मी बताते हुए कहा कि खाते में आई रकम को तीन दिन के लिए एक जगह एकत्र करना है।
इसके बाद नकद रुपये मिल जाएंगे। करीब 20 लाख रुपये इकट्ठा हुए। होली से पूर्व एजेंट महिला गांव से भाग गई। महिलाओं का कहना है कि उसका मोबाइल भी बंद है।
घर पर ताला लगा है। महिलाओं ने कहा कि एजेंट रोज घर पर आकर किस्त भरने की धमकी दे रहे है। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने कहा कि अब तक किसी भी पीड़ित से शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर ठगी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।