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होठ कटा होने से आ रही थी दिक्कत: सर्जरी के बाद दूर हुई परेशानी, मां का दूध पीने लगा शिवम

Fri, 16 Sep 2022 10:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।

सार

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्चों की गंभीर बीमारियों का निशुल्क इलाज कराया जा रहा है, जिससे गरीबों को नौनिहालों का उपचार कराने में आसानी हो रही है। विकास खंड भागलपुर क्षेत्र के तेलिया अफगान गांव निवासी नीलम देवी (28) के दो बेटे और एक बेटी है। उनके तीन वर्ष के बेटे का नाम आदर्श और छह माह की बेटी शिवानी व शिवम जुड़वा हैं।
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ऑपरेशन के बाद शिवम। - फोटो : DEORIA
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देवरिया जिले में जुड़वा जन्म लेने वाले भाई, बहन में एक शिवम का होठ कटे होने से चेहरा ठीक नहीं दिख रहा था, वहीं उसे दूध पीने में परेशानी हो रही थी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम की मदद से सर्जरी के बाद बच्चे के चेहरे का स्वरूप बदल गया है और उसकी दिक्कत दूर हो गई है। बच्चा मां का दूध पी रहा है। इससे सही पोषण मिलने लगा है, वहीं माता- पिता के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्चों की गंभीर बीमारियों का निशुल्क इलाज कराया जा रहा है, जिससे गरीबों को नौनिहालों का उपचार कराने में आसानी हो रही है। विकास खंड भागलपुर क्षेत्र के तेलिया अफगान गांव निवासी नीलम देवी (28) के दो बेटे और एक बेटी है। उनके तीन वर्ष के बेटे का नाम आदर्श और छह माह की बेटी शिवानी व शिवम जुड़वा हैं।

नीलम को दो मार्च को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता रीना देवी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज पहुंचाया, जहां जुड़वा बच्चे एक बेटा और एक बेटी हुई। इसमें बेटी शिवानी स्वस्थ पैदा हुई, लेकिन शिवम के मुंह के ऊपर का होंठ कटा था, जिसे परिजन परेशान हो गए। होठ कटे होने के कारण शिवम ठीक तरह से मां का दूध (स्तनपान) नहीं कर पा रहा था। उसके पिता अनिल चौहान बेरोजगार हैं और किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।
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माता-पिता जब भी शिवम की तरफ देखते तो निराश हो जाते थे। स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने अनिल व नीलम को बच्चे के कटे होठ की सर्जरी होने के बारे में बताया। साथ ही बच्चे की सूचना आरबीएसके टीम को दी। टीम की चिकित्सक डॉ. ममता चौहान, फार्मासिस्ट मनीष कुमार और एएनएम रंजू कुमारी ने बच्चे की स्क्रीनिंग की। उन्होंने बताया इसका इलाज नि:शुल्क होता है। इस परिजनों को लगा कि होठ की सर्जरी में काफी पैसे लगेंगे। उन्हें समझाया गया कि पैसे नहीं लगेंगे।

नि:शुल्क इलाज के बाद शिवम भी सामान्य बच्चों की तरह दिखने लगेगा। इसके बाद परिजन इलाज के लिए गोरखपुर जाने को तैयार हो गए। शिवम, उसकी मां नीलम और पिता अनिल को 16 अगस्त को की मदद से गोरखपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी जांच कराई। इसके बाद 18 अगस्त को उसके होठ की सर्जरी की गई, जो सफल रही। अब शिवम सामान्य बच्चों की तरह दिखने लगा है और सही तरीके से स्तनपान भी कर लेता है। मां के दूध में उसे पोषक आहार भी मिल रहा है। बेटे को देख परिजनों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।

45 बच्चों की हुई है सर्जरी
आरबीएसके योजना के नोडल अधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि जनवरी 2020 से लेकर अब तक 49 बच्चे कटे होठ और कटे तालू के मिले हैं। इसमें 45 बच्चों के कटे होठ और कटे तालु की सर्जरी हो चुकी है। आरबीएसके योजना के तहत न्यूरल ट्यूब की खराबी, कटा होठ एवं तालू-स़िर्फ फटा तालू, अंदर की ओर मुड़ी हुई पैर की अंगुलियां, असामान्य आकार का कुल्हा, जन्मजात मोतियाबिंद, जन्मजात बहरापन और जन्मजात हृदयरोग जैसी 44 बीमारियों का नि:शुल्क इलाज कराया जाता है।
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