बरहज। सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 90 सेमी नीचे 65.60 मीटर पर बहने लगी है। तीन बार पीछे हटने के बाद पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों में बाढ़ का भय सताने लगा है।
करीब एक माह से सरयू का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। इस वजह से राप्ती नदी भी उफान पर है। सरयू तीन बार पीछे हटने के फिर बढ़त बनाने लगी है। सरयू के बढ़ते जलस्तर को लेकर लोग पशोपेश में हैं। वहीं राप्ती के उफनाने से भदिला प्रथम गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। लोग नाव से आवश्यक कार्य पूरे कर रहे हैं।
नदियों के उफनाने से बाढ़ का पानी परसियां-विशुनपुर देवार में मऊ जनपद के बिनटोलिया गांव के करीब पहुंच गया है। इससे भरटोला और दसरसरिया मजरे के लोग भी सहमे हुए हैं। दतटवर्ती ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी रुक-रुक कर डरवा रही है। कभी सरयू का जलस्तर कम होने लगता तो कभी उछाल आ रहा है।
इससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। यदि बाढ़ आए तो धान की फसल चाैपट हो जाएगी। बाढ़ बचाव के उपाय नाकाफी है।