देवरिया। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ बने एयर मार्शल (पश्चिमी एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ) जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के गांव भोपतपुरा के रहने वाले हैं।
बिहार बॉर्डर के नजदीक बसे इस गांव के रहने वाले जितेंद्र के पिता नथुनी मिश्र दिल्ली विश्वविद्यालय में कॉमर्स के प्रोफेसर रहे हैं। वर्ष 1986 में जितेंद्र एयरफोर्स में बतौर पायलट भर्ती हुए थे।
अपने अनुशासन और अदम्य साहस के बल पर कई सैन्य अभियानों में सेना का नेतृत्व करने वाले जितेंद्र मिश्र को श्रीराम मंदिर ट्रस्ट का पहला सीईओ बनाए जाने की सूचना से गांव में उल्लास का माहौल है। गांव के रहने वाले गुरु प्रसाद मिश्रा ने बताया कि जितेंद्र मिश्रा जितने ऊंचे पद पर हैं उतने ही सरल और सौम्य हैं।
जब भी गांव आते हैं, सबसे काफी घुल-मिलकर रहते हैं। ग्राम पंचायत की प्रशासक पुष्पा मिश्रा और उनके पति दिनेश मिश्रा, कमलदेव मिश्रा, कन्हैया मिश्रा, वेदप्रकाश मिश्रा आदि ने उनकी ड्यूटी के प्रति जिम्मेदारी और ईमानदारी को मिसाल बताते हुए अपेक्षा जताई कि राम मंदिर के प्रति भी वह पूर्ण निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
चार साल पहले पिता की बरसी पर आए थे गांव : बनकटा/रामपुर बुजुर्ग। जितेंद्र मिश्रा परिवार के साथ दिल्ली में ही हैं। गांव पर उनके चाचा रामप्यारे मिश्र का परिवार रहता है।
चाचा ने बताया कि जितेंद्र गांव में महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रमों में आते हैं। उनके पिता डाॅ. नथुनी मिश्रा का 2021 में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में किया गया।
उस वक्त जितेंद्र अति महत्वपूर्ण मिशन पर (अमेरिका में ड्यूटी पर तैनात) होने के कारण पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे। ड्यूटी से लौटने के बाद अगस्त 2022 में सपरिवार गांव आकर पिता के बरसी की रस्म पूरी की थी।परिवार में उनकी मां सरस्वती देवी, पत्नी वत्सला मिश्रा, पुत्र शांतनु मिश्रा (26) तथा सारण्य मिश्रा (25) हैं। पत्नी वत्सला गृहिणी हैं, वहीं बड़े पुत्र शांतनु मिश्रा सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं। छोटे पुत्र सारण्य लंदन से पीएचडी कर रहे हैं।
जितेन्द्र के भाई देवेंद्र मिश्रा दिल्ली के एक मेडिकल कॉलेज में निदेशक और बहन वंदना मिश्रा जेएनयू में प्रोफेसर और यूजीसी में मेंबर हैं।
जितेंद्र मिश्रा के सीईओ बनने पर विधायक सभाकुंवर कुशवाहा, पूर्व विधायक डाॅ. आशुतोष उपाध्याय, संतोष मिश्रा, दयाशंकर मिश्रा, भाजपा नेता हरिचरण कुशवाहा, राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह, राजकुमार शाही, अश्विनी सिंह आदि खुशी जताई।