-अधिवक्ताओं के चक्का जाम से आवागमन पूरी तरह से बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी व अधिवक्ताओं के बीच विवाद को लेकर 23वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। अधिवक्ता संगठनों के बैनर तले अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की तथा आवास व सुभाष चौक पर सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सिविल लाइंस मुख्य मार्ग पर वाहनों का भारी जाम लग गया। दीवानी और कलक्ट्रेट परिसर में न्यायिक कार्य भी ठप रहा, लेकिन शासन प्रशासन मौन है। गरीब वादकारियों की सुनवाई नहीं हो रही है, वहीं राजस्व की भारी क्षति हो रही है।
बता दें कि 18 जून को जनता दर्शन में अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मिलने गए डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को डीएम ने अमर्यादित तरीके से अपमानित कर दिया, जिससे क्षुब्ध होकर अधिवक्ता संगठन 19 जून से आंदोलित हैं। अधिवक्ताओं के धरना प्रदर्शन के कारण दीवानी व कलक्ट्रेट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। अधिवक्ता संगठन प्रतिदिन बैठक कर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है और जिलाधिकारी के कार्यालय का घेराव करते रहे।
बृहस्पतिवार को भी जिला बार एसोसिएशन, जिला कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन व दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने सिविल लाइंस रोड पर सुभाष चौक तक प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के कार्यालय आवास के सामने सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिये । इस दौरान सिंहासन गिरी, मंत्री अजय कुमार उपाध्याय, संजय कुमार मिश्रा, मंत्री आनंद किशोर मिश्रा, राम चीज यादव, सुभाष चंद्र राव, अरविंद साहनी, भुवनेश्वर मिश्रा, प्रवीण तिवारी, अरविंद पाण्डेय, संजय चतुर्वेदी, महेश्वर उपाध्याय आदि शामिल रहे।
-
अधिवक्ताओं की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन
देवरिया। डीएम और अधिवक्ताओं का आंदोलन 23 वें दिन जारी रहा। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन नितिन मिश्रा ने पत्र जारी कर अधिवक्ताओं के आंदोलन को सही ठहराते हुए समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि डीएम देवरिया को अधिवक्ताओं के साथ अमर्यादित आचरण नहीं करना चाहिए। डीएम के इस कृत्य को कांग्रेस कमेटी विधि विभाग निंदा करता है। कांग्रेस अधिवक्ताओं को हर तरह से समर्थन करेगी। कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ डीएम द्वारा इस तरह का कृत्य घोर निंदनीय है। अधिवक्ताओं की मांग जायज है। सरकार को बिना विलंब किये इस तरह के डीएम का स्थानांतरण तत्काल कर देना चाहिए। संवाद