मईल। देवरहा बाबा आश्रम के चरागाह की जमीन पर कब्जा कर गेहूं की बुवाई करने वाले दबंगों से राजस्व टीम ने पैमाइश के दौरान फसल को ट्रैक्टर से जोतवा कर कब्जा मुक्त कराया। अवैध कब्जा के मामले में लेखपाल अमरनाथ को प्रतिकूल प्रविष्टि व कानूनगो को चेतावनी एसडीएम ने दिया है।
डीएम के निर्देश पर बरहज तहसील प्रशासन ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में दस लेखपालों की टीम गठित कर अवैध रूप से कब्जा किए गए देवरहा बाबा आश्रम की चरागाह की जमीन की पैमाइश कर कब्जा खाली कराया गया। मईल गांव में हुए पैमाइश में दस लोगों का 5.375 हेक्टेयर चरागाह की जमीन पर कब्जा कर गेंहू की बुआई किए थे, जिसे प्रशासन ने जुतवा दिया।
वहीं मईलौटा गांव में भी चारागाह की जमीन है। वहां पर अभी तक पैमाइश नहीं हो सकी है। खाली कराए गए चरागाह की जमीन पर सरकार की ओर से संचालित निराश्रित गौशालाओं के पशुओं के लिए चारा की बुआई कराने के लिए एसडीएम ने बीडीओ भागलपुर को निर्देश दिया है। क्षेत्रीय लेखपाल अमरनाथ ने चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जा की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को नहीं दिया था। एसडीएम ने शासकीय दायित्व के प्रति लापरवाही में प्रतिकूल प्रविष्टि व कानूनगो को कठोर चेतावनी दी दिए है। बरहज एसडीएम अवधेश कुमार निगम ने बताया कि किसी भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा की जानकारी लेखपाल और कानूनगो को देना कर्तव्य है। चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जे की जानकारी नहीं देने पर प्रतिकूल प्रविष्ट दी गई है। कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग की पैमाइश से संतुष्ट नहीं हैं पीठाधीश्वर
देवरहा आश्रम के पास चरागाह की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बोई गई गेहूं की फसल को तहसील प्रशासन ने गठित राजस्व टीम पैमाइश कर कब्जा मुक्त करने का दावा कर रहा है वहीं पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास ने आरोप लगाया है कि तहसील प्रशासन ने मिली भगत से कुछ लोगों ने आज भी अवैध रूप से गेहूं बोया गया है उनको पैमाइश के दौरान कार्रवाई नहीं किया गया है। इस पैमाइश से मैं संतुष्ट नहीं हूं जिलाधिकारी को अवगत करा दिया है।