सर्जन नहीं होने के चलते अधिकांश प्रसूताओं को प्राइवेट में कराना पड़ता है आपरेशन
सलेमपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में काफी दिनों से सर्जन का अभाव चल रहा है। उधार के सर्जन के समय से नहीं पहुंचे पर अधिकांश प्रसूताओं को प्राइवेट हॉस्पिटल व मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा है। मंगलवार को सीएचसी में इसका नजारा देखने को मिला। एक प्रसूता तीन दिनों से आपरेशन के इंतजार में सीएचसी का चक्कर काट रही थी, जब निर्धारित दिन भी सर्जन समय से नहीं आए तो वह सीएचसी परसिया चंदौर चली गई, जहां डॉक्टर ने शाम तक नॉर्मल डिलेवरी कराने की बात कर भर्ती करा दिया। वहीं दो प्रसूताएं और 17 नसबंदी करने वाली महिलाएं सुबह दस बजे से डॉक्टर का इंतजार करती रहीं। डॉक्टर दोपहर बाद तीन बजे पहुंचे।
मईल थाना क्षेत्र के बगही गांव के किताबुद्दीन की पत्नी सितारा खातून तीन दिनों से सीएचसी में ऑपरेशन के लिए चक्कर लगा रही थी। महिला डॉक्टर ने मंगलवार को ऑपरेशन के लिए समय निर्धारित किया था। सुबह से सितारा खातून, चेरो गांव की पूजा व नगर के हरैया वार्ड नंबर 8 की अंशिका जायसवाल बरामदे में बैठकर इंतजार कर रही थीं। पर दोपहर तक डॉक्टर नहीं पहुंचे तो सितारा खातून की हालत गंभीर देख परिजन निजी वाहन से उसे लेकर सीएचसी परसिया चंदौर चले गए, जहां डॉक्टर ने नॉर्मल डिलीवरी करने की बात कह भर्ती कर लिया।
वहीं दोपहर बाद करीब तीन बजे पहुंचे सर्जन डॉ. वाईपी यादव ने पूजा व अंशिका का आपरेशन किया। इसके अलावा 17 महिलाओं की नसबंदी देर शाम तक चलता रहा। सीएचसी प्रभारी डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि सीएचसी में सर्जन की तैनाती नहीं होने के चलते दिक्कत हो रही है। मरीज आते हैं तो बरहज के सर्जन को बुलाकर आपरेशन कराया जाता है। शासन को पत्र लिखा गया है।