देवरिया। आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण में अनियमितता और त्रुटिपूर्ण आख्या मिलने पर दो अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। जबकि तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का वास्तविक, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर शिथिलता या गलत आख्या स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही से जनपद की आईजीआरएस रैंकिंग प्रभावित होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आईजीआरएस फीडबैक और आख्या की समीक्षा के दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीवी यादव तथा नगर पंचायत गौरीबाजार के अधिशासी अधिकारी का निस्तारण संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर दोनों अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई।
वहीं अधीक्षण अभियंता विद्युत, चकबंदी अधिकारी द्वितीय राम अवध यादव तथा नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन शिकायतों के निस्तारण में पूरी गंभीरता बरतें तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज मामलों का निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर गुणवत्तापूर्ण और तथ्यपरक होना चाहिए।