संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। त्योहारी सीजन में मिलावटी पनीर की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। मिलावटी दूध से इसे तैयार कर बेचा जा रहा है। ऐसे में सेहत को लेकर खुद सतर्क नहीं हुए तो बीमार पड़ सकते हैं।
शनिवार को आजमगढ़ से पिकअप में लाए गए तीन सौ किलो पनीर को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलावट की आशंका में नष्ट करा दिया था। इस कार्रवाई से धंधेबाजों में हड़कंप मचा हुआ है।
पिछले साल होली व दीपावली पर 90 नमूने फेल मिले थे। पनीर के अधिकतर मामलों में फैट मिला ही नहीं, जबकि उच्च श्रेणी के पनीर में 50 प्रतिशत, मध्यम में 30 से 50 प्रतिशत, सामान्य श्रेणी में 18 से 20 प्रतिशत फैट होना आवश्यक है।
इसके बिना पनीर का सेवन फायदेमंद नहीं होता है। शहर में भी कई इकाइयां हैं, जहां पनीर व खोआ तैयार किए जाते हैं। जानकारों के अनुसार, यदि शुद्ध दूध से पनीर बना है तो इसकी कीमत 380 से 400 रुपये प्रति किलो होती है। यही हाल खोआ का भी है।
त्योहार में मिठाई की बढ़ती मांग को देखते हुए दुकानदार पहले से ही ऑर्डर देकर गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया से खोआ मंगा रहे हैं। इनकी जांच में कई नमूने फेल मिल चुके हैं।