सोनूघाट। कोतवाली क्षेत्र के अगस्तपार गांव में प्राइवेट आईटीआई कॉलेज के बगल में भूमि माफियाओं ने बिना अनुमति के महादेव कॉलोनी का नाम देकर जमीन की बेचने लगे थे। अधिकांश लोगों ने बिना जाने समझे जमीन की खरीददारी कर ईंट द्वारा सीमांकन भी करा लिया था। इसकी भनक लगते ही नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र कार्यालय में खलबली मच गई। जिस जमीन पर जिला प्रशासन का बुलडोजर चला है।
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि वह जमीन महायोजना 2031 के अंतर्गत परसिया अहीर गांव के आरक्षित 200 एकड़ के अंतर्गत आरक्षित कर मैप में भी आरक्षित दर्शाया गया है। जबकि अगस्तपार गांव नपा के अंतर्गत नहीं बल्कि सदर ब्लॉक के अंतर्गत गांव आता है। अगस्तपार गांव के ग्राम प्रतिनिधि सत्येंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मेरे गांव में पूरा जिला प्रशासन पुलिस दलबल के साथ पहुंची और बुलडोजर चलवाया, लेकिन इस संबंध में हमें कोई लिखित या मौखिक जानकारी नहीं दी गई।
इस संबंध एम नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र के जेई एके ओझा ने बताया कि जिस जमीन पर बुलडोजर चला है उस पर मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। नगर क्षेत्र का कोई मुद्दा नहीं था। उक्त जमीन के संबंध में न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। उक्त मुकदमे में यह शिकायत की गई थी बिना अनुमति के महादेव कॉलोनी का नामकरण करा जमीन महंगे दर पर बेची जा रही थी और कॉलोनी बनाने का जो मानक होता है उसी मानक के न होने पर न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराया गया है।