देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीशों ने सोमवार को राजकीय बाल गृह एवं पाथ वात्सल्य खुला आश्रय गृह का औचक निरीक्षण किया। राजकीय बालगृह से किशोर के फरार होने की सूचना प्राधिकरण को न दिए जाने तथा कर्तव्यों के प्रति लापरवाही पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) ने नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रिरा सिंह ने परिसर को निरंतर स्वच्छ बनाए रखने तथा बच्चों के खेलने की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने बच्चों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराने को कहा। राजकीय बालगृह से 21 अक्तूबर को अदरंगी थाना रुद्रपुर का एक किशोर भाग गया था। प्रभारी अधीक्षक राजकीय बालगृह द्वारा न्यायालय व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचना न देने पर नाराजगी जताई। प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे ने भोजन के खाद्य सूची का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन में पौष्टिक आहार के साथ मीनू के अनुसार ही भोजन दिए जाने का निर्देश दिया। राजकीय बालगृह में 19 बच्चे तथा पाथ वात्सल्य खुला आश्रय में 16 बच्चे मिले। सचिव ने राजकीय बालगृह में आवासित बच्चों को नामित अधिकारी की समिति के अनुमोदन के बाद ही रिहाई करने के लिए निर्देश दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं तथा प्रपत्रों को व्यवस्थित रूप से करने के सख्त निर्देश दिए। सिविल जज (जेडी) श्रीकांत गौरव ने बच्चों के अध्ययन कक्ष का निरीक्षण किया और उनके पठन-पाठन के कार्य को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान सिविल जज (जेडी ) श्रीकांत गौरव, राजकीय बाल गृह के प्रभारी अधीक्षक रामकृपाल, पाथ वात्सल्य एवं खुला आश्रय गृह समन्वयक अमित कुमार चौबे व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।