विधायक के वाहन पर फायरिंग के सात आरोपियों को भेजा जेल, विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने किया सीएचसी का घेराव
सलेमपुर (देवरिया)। भाजपा विधायक काली प्रसाद के वाहन पर तीन दिन पूर्व हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। इसकी जानकारी होते ही सपा कार्यकर्ता व गांव की महिलाएं सीएचसी पहुंच र्गइं। उन्होंने पुलिस पर किशोरों को फंसाने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक सीएचसी पर अफरातफरी मची रही। सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से कहासुनी भी हुई। काफी मशक्कत के बाद आरोपियों को जेल भेजा जा सका।
भाजपा विधायक काली प्रसाद 16 नवंबर की रात बरसीपार गांव के पार्टी कार्यकर्ता रविंद्र श्रीवास्तव के घर दीपावली की शुभकामना व मिठाई देने गए थे। लौटते समय सलेमपुर पयासी मार्ग पर उनके वाहन पर फायरिंग की गई थी। विधायक ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सीओ श्रीयश त्रिपाठी व कोतवाल नवीन कुमार मिश्र मयफोर्स पहुंच गए। कोतवाली पुलिस ने विधायक के भतीजे हेमंत कुमार की तहरीर पर अज्ञात लोगों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में भी लिया था। इसमें से सात लोगों को लेकर पुलिस बृहस्पतिवार को मेडिकल कराने सीएचसी पहुंची। इसकी जानकारी होते ही सपा के पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव, ओपी यादव, पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद, विजय लक्ष्मी गौतम, सूरज यादव, राम प्रकाश यादव, मनोज लारी, सोनू पांडेय समेत सपा के तमाम कार्यकर्ता और आरोपियों के घर की महिलाएं भी सीएचसी पहुंच गईं।
मौके पर सपा कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प भी हुई। सपा नेताओं का आरोप है कि पकड़े गए अन्य लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि केवल किशोरों को आरोपी बनाया गया है। इस दौरान एसडीएम ओमप्रकाश बरनवाल, सीओ श्रीयश त्रिपाठी, कोतवाल नवीन कुमार मिश्र भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। इस बाबत कोतवाल नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि सात आरोपियों को मेडिकल के बाद जेल भेजा गया है। हिरासत में लिए गए अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।
इन्सेट
बेटे को जेल जाते देख अचेत हो गई मां
सलेमपुर। आरोपियों को जेल भेजने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उनके घर की महिलाएं कभी पुलिस के वाहन के आगे आ जातीं तो कभी फर्श पर लेट जा रही थीं। नदौली गांव की एक महिला उस समय अचेत हो गई, जब उसे पता चला कि उसके बेटे को पुलिस जेल भेजने ले गई है।