लार के धमौली गांव की घटना, देर रात तक दूसरे की होती रही तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
लार। मिट्टी निकालकर छोड़े गए गड्ढे बारिश का पानी भरने के बाद जानलेवा हो गए हैं। शुक्रवार को फिर दो बच्चे ऐसे ही गड्ढे में डूब गए। घंटों प्रयास के बाद एक ही लाश मिली, जबकि दूसरे की देर रात तक तलाश जारी थी। घटना लार थाना क्षेत्र के धमौली गांव की है।
धमौली गांव निवासी उमेश गुप्ता का पुत्र करन (12) पिंडी गांव के एक निजी विद्यालय में कक्षा-7 का छात्र था। शुक्रवार की शाम साढ़े 6 बजे वह गांव के ही धीरेंद्र पांडेय के पुत्र श्यामसुंदर (8) को लेकर साइकिल से खेत गया था। कच्चा मार्ग पकड़कर दोनों लौट रहे थे। इसी दौरान साइकिल फिसलने से श्यामसुंदर सड़क किनारे मिट्टी निकालकर छोड़े गए गड्ढे में गिर गया। उसे डूबता देख बचाने के लिए करन भी कूद गया, मगर वह भी डूबने लगा। उनकी चीख सुनकर धान की रोपाई कर घर लौट रहीं महिलाओं की नजर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण जाल डालकर उनकी तलाश में लग गए। घंटों प्रयास के बाद करन की लाश मिली, जबकि रात साढ़े नौ बजे तक श्यामसुंदर की खोजबीन जारी थी।
तीन बहनों का इकलौता भाई था करन
लार। धमौली गांव के पास गड्ढे में दो बच्चों के डूबने से गांव में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तो ग्रामीण भी बच्चे की मौत गमगीन नजर आए।
गड्ढे में डूबा करन तीन बहनों में इकलौता भाई था। पिता उमेश गुप्ता गल्ला व्यापारी हैं। सातवीं कक्षा का छात्र करन पढ़ाई में होनहार था। इकलौता बेटा होने के कारण वह सबका चहेता भी था। उसकी मौत से माता-पिता और बहनें बेसुध थीं। वे बार-बार यही कह रही थीं कि वे अब रक्षाबंधन पर किसे राखी बांधेंगी। श्यामसुंदर दो भाइयों में बड़ा है। उसके पिता बिजली मैकेनिक का काम करते हैं। वह कक्षा तीन का छात्र है। घटना के लिए ग्रामीण मिट्टी निकालने वालों को कोस रहे थे। उनका कहना था कि ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी निकालकर खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे बना दिए गए हैं। वहां कोई निशान न होने से बारिश का पानी भरने के बाद उनकी गहराई का आभास नहीं हो रहा। ऐसे ही गड्ढे में डूबने से गुरुवार को सलेमपुर के नादघाट में सगे भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत हो गई थी।