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नौ दिन बाद अपहर्ताओं ने शिक्षक को गोरखपुर में छोड़ा

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नौ दिन बाद अपहर्ताओं ने शिक्षक को गोरखपुर में छोड़ा
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देसही देवरिया। क्षेत्र के पिपरा मदन गोपाल गांव के लापता शिक्षक नौ दिन बाद बुधवार को अचानक घर आ गए। उनके आते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। दरवाजे पर जुटे गांव के लोगों की भी आंखें भर आईं। पत्नी ने कहा कि करवा चौथ के दिन ईश्वर ने हमारी सुन ली।
रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के पिपरा मदन गोपाल गांव के विनोद कुमार शर्मा उर्फ मुन्ना शर्मा कुशीनगर के जितेंद्र राव स्मारक इंटर कालेज नरायनपुर कोठी में वरिष्ठ अध्यापक हैं। 27 अक्तूबर को घर से दस बजे के करीब विद्यालय जाने की बात कहकर बाइक से निकले। मगर वह विद्यालय नहीं पहुंच सके। शाम तक नहीं लौटे तो घरवालों ने फोन किया। उनका मोबाइल फोन बंद मिला। उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। चार दिन की खोजबीन के बाद उनके छोटे भाई संजय विश्वकर्मा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। सर्विलांस के जरिए उनका अंतिम लोकेशन बलरामपुर में मिला। जबकि 28 अक्तूबर को लोकेशन फिर बदल गया। इसी बीच सोमवार को हेतिमपुर में एक चाय की दुकान पर उनकी बाइक मिली। बाइक मिलने के बाद घर के लोगों ने अपहरण की आशंका जताई। हरकत में आई पुलिस ने मंगलवार को घर आकर सदस्यों का बयान दर्ज किया। बुधवार को पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम दोबारा पीड़ित के घर पहुंची। इस मामले में कुछ लोगों से कड़ी से पूछताछ भी की। इसी बीच शिक्षक को गोरखपुर में अपहर्ताओं ने लाकर छोड़ दिया। बस से वह हेतिमपुर पहुंचे और भटनी चौराहे पर पहुंचकर फोन कर भाई को जानकारी दी। खबर मिलते ही लोग वहां पहुंचे और उन्हें लेकर घर आए।
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शिक्षक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि 27 अक्तूबर को बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया था। घर आते ही दरवाजे पर भारी भीड़ जमा हो गई। घर के लोग उन्हें सही सलामत पाकर भावुक हो गए। गांव के लोग भी अपने आंसुओं को नहीं रोक सके। लोगों ने मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस संबंध में प्रभारी एसओ घनश्याम सिंह ने बताया कि शिक्षक की सकुशल बरामदगी हो गई है। उनसे जानकारी जुटाई जा रही है।
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इनसेट
पत्नी ने नहीं छोड़ी थी उम्मीद, रखा था करवाचौथ का व्रत
देसही देवरिया। जो व्यक्ति एक घंटे विलंब होने पर पत्नी और परिवार में फोन करके तत्काल सूचना देते थे। आज तक एक दिन भी बिना बताए कहीं नहीं गए। ऐसे में इस तरह नौ दिनों तक लापता रहने से अब लोगों की उम्मीदें धूमिल होने लगी थीं। पत्नी जानकी देवी की आंखें राह देखते-देखते पथरा गई थीं। लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी थी। पति की सकुशल घर वापसी और कुशलता के लिए करवा चौथ का व्रत रखीं थी। डबडबाई आंखों से पत्नी ने ईश्वर को धन्यवाद दिया है।
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