आयुष्मान कार्ड से निजी अस्पतालों में ऑपरेशन से होने वाला प्रसव बंद हो गया है। इससे गर्भवतियों को खुद खर्च उठाना पड़ रहा है। स्टेट एजेंसी फॉर कंप्रेसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड ने आदेश जारी कर आयुष्मान कार्ड के दायरे से निजी अस्पतालों में होने प्रसव के खर्च को हटा दिया है। इससे निजी अस्पतालों में प्रसव कराने वालों को झटका लगा है।
केंद्र सरकार ने गरीबों को चिकित्सकीय मदद के लिए आयुष्मान कार्ड जारी किया है। इसके तहत कार्ड धारक को पांच लाख रुपये तक की इलाज की सुविधा है। अब तक इलाज के अलावा महिलाएं व तीमारदार निजी अस्पताल में आपॅरेशन से होने वाले प्रसव की स्थिति में आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल कर लाभ उठाते थे। इसके एवज में सरकार की ओर से हर प्रसव पर 11,500 रुपये दिए जाते थे।
इसमें ऑपरेशन से प्रसव, सात दिन तक भर्ती कर दवा, खाना व बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी होती थी, लेकिन निजी अस्पतालों में ऑपरेशन से होने वाले प्रसव में आयुष्मान कार्ड के इस्तेमाल को बंद कर दिया गया है। स्टेट एजेंसी फॉर कंप्रेसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विस लखनऊ के जनरल मैनेजर ने सभी प्राइवेट अस्पतालों को आदेश जारी कर ऑपरेशन से होने वाले प्रसव पर मिलने वाले खर्च को आयुष्मान कार्ड के दायरे से हटा दिया है।
जिले में आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए छह निजी अस्पतालों को अनुमति दी गई थी।
इस आदेश के बाद प्राइवेट अस्पतालों में ऑपरेशन से प्रसव कराने वाले आयुष्मान कार्ड धारकों को लाभ नहीं मिल पाएगा। अब यह सुविधा सरकारी अस्पतालों में ही मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा प्रभारी डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि महिला अस्पताल में पांच से छह प्रसव ऑपरेशन से होते हैं। यह संख्या बढ़ भी जाती है। यहां चिकित्सक हैं। कार्डधारकों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सरकारी चार अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
आयुष्मान कार्ड धारक को ऑपरेशन से प्रसव के लिए सरकारी चार अस्पताल में सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल, सीएचसी सलेमपुर, भटनी, रुद्रपुर, बरहज चिह्नित किए गए हैं।
जिले में बने हैं 3,68,218 आयुष्मान कार्ड
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत 10,93,515 लाभार्थियों को चयनित किया गया है। इसमें 3,68,218 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। जबकि 25,406 लोगों ने योजना के तहत विभिन्न बीमारियों का इलाज कराकर लाभ उठाया है।
सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए ऑपरेशन से प्रसव की सुविधा उपलब्ध होगी। निजी अस्पतालों में यह सुविधा बंद कर दी गई है। अब उन्हें धनराशि का भुगतान नहीं किया जाएगा। जिले में चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला महिला अस्पताल में कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, डीटीओ व आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी