देवरिया। पूरे शहर में दशहरा मेले की धूम है। तीन दिन तक लगने वाले दशहरा मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु मां की भक्ति में लीन हैं। भक्तों के गगनभेदी जयकारों से देवी मंदिर और पंडाल गुंजायामान हैं। सुरक्षा की दृष्टि से शहर में रूट डायवर्जन है। भारी वाहनों का शहर में प्रवेश वर्जित है। जगह-जगह भारी संख्या में पुलिकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
मंगलवार को अष्टमी तिथि होने के चलते भक्तों ने व्रत रखा। देवी मंदिरों में जाकर पूजा पाठ किए और शहर में सजे देवी पंडालों का दर्शन किए। अष्टमी से मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। शहर में दुर्गा पूजा समितियों द्वारा एक से बढ़कर एक पंडाल बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए सुबह आरती के बाद दर्शन का क्रम शुरू हो जा रहा है जो देर रात तक चल रहा है। इन्हीं पंडालों में से एक भीखमपुर रोड पर भूत नगरी के नाम से एक पंडाल बना है।
जहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। गुफा आकार का बना यह पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। मां बागेश्वरी पूजा समिति द्वारा बनाए गए इस पंडाल के गेट पर ही लिख दिया गया है कमजोर दिल वाले प्रवेश न करें। यहां खतरनाक अधकटे और सिरकटे भूतों से डरते और बचते हुए दो-तीन मिनट चलने के बाद भक्त आखिर में मां जगदंबा की शरण में पहुंच रहे हैं। इस पंडाल का स्वरूप काफी डरावना बनाया गया है। यहां मां के दर्शन के लिए भारी भीड़ जुट रही है।
गायत्री पुरम में वृदावन की तर्ज पर बना प्रेम मंदिर पंडाल, सिंधी मिल कालोनी में ओरब्रिज के पास काली पंडाल, राघवनगर में नौ देवी नौ झूला पंडाल और हनुमान मंदिर के गेट पर आदिशक्ति माता का पंडाल दर्शकों को काफी आकर्षित कर रहा है। पूजा पंडालों के बाहर खाने पिने की वस्तुओं समेत खिलौने की अस्थाई दुकानें सज गई हैं। जहां महिलाएं और बच्चे खरीदारी के साथ मेले का देर रात तक लुत्फ उठा रहे हैं। पंडालों में मां के गगनभेदी जयकारे से वातावरण भक्तिमय हो गया है।
अष्टमी पर जिले भर में श्रद्धालुओं ने व्रत रख घर और मंदिरों में महागौरी की उपासना की और दुर्गा सप्तसती का पाठ किया। भक्त सुबह से स्नान आदि से निवृत्त होकर सुबह चार बजे से ही देवी मंदिरों में पहुंचने लगे। पंडित केशवचंद्र मिश्र के अनुसार मां महागौरी को नारियल अत्यंत प्रिय है।
इसलिए श्रद्धालुओं ने अष्टमी के दिन मंगलवार को मां को नारियल और नारियल से बने खीर का भोग लगाया और परिवार के लिए सुख-समृद्धि मांगी। शहर के राघव नगर दुर्गा मंदिर, अमेठी मंदिर, अहिल्यापुर देवी मंदिर, देवरही मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में नारियल चढ़ाने के लिए भक्त कतार में खड़े रहे।
अष्टमी तिथि होने के चलते काफी भीड़ थी। गेट से लेकर परिसर तक बैठे भिखारियों को श्रद्धालुओं ने अन्न और पैसे का दान कर पुण्य कमाया।