देवरिया। बरहज तहसील के लक्ष्मीपुर गांव निवासी और तहसील बार संघ के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की मौत का कारण जानने को मजिस्ट्रेटियल जांच होगी। करणी सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मांग पर डीएम दिव्या मित्तल ने इसके लिए आदेश जारी किया है। एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह तीन दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को देंगे।
बीते पांच अप्रैल को लक्ष्मीपुर में एक चकनाली को सड़क बनाने को लेकर हुई कहासुनी के दौरान अचानक वरिष्ठ अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की हालत बिगड़ी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घरवालों का आरोप था कि तत्कालीन एसडीएम बरहज विपिन द्विवेदी के सार्वजनिक रूप से डांटने की वजह आहत होने के चलते हर्ट अटैक आ गया था। लोगों ने तहसील परिसर में शव रखकर करीब साढ़े छह घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि बाद में एफआईआर में इस बात का जिक्र किया गया कि अफसरों के जाने के बाद धक्का मुक्की में गिरने से अधिवक्ता की मौत हो गई। घटना के अगले दिन से ही अधिवक्ता एसडीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे थे। इस मामले में शासन स्तर से हुई प्रारंभिक जांच के बाद एसडीएम को निलंबित कर दिया गया था। उनके निलंबन की प्रयागराज के कमिश्नर को जांच मिली है।
इसके बाद मंगलवार को करणी सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर वीर प्रताप सिंह वीरू भैया ने भी मृत अधिवक्ता के परिजनों से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया के जरिए तत्कालीन उप जिलाधिकारी का नाम एफआईआर में शामिल करने और दोषियों के गिरफ्तारी की मांग की गई थी। इसके बाद डीएम दिव्या मित्तल ने इस प्रकरण में मौत के कारण की समीक्षा के लिए मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिया है। डीएम ने एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को इस प्रकरण से संबंधित अभिलेखीय और स्थलीय जांच कर रिपोर्ट तीन दिन के भीतर देने का आदेश दिया है।
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