झोपड़ी में बंधी बछिया और बकरी को बचाने के चक्कर में आग की चपेट में आया मजदूर
आधा दर्जन बकरियां और बछिया भी जलीं, रामपुर कारखाना के मझरटिया गांव का है मामला
फोटो..... मृत मजदूर की फाइल फोटो
फोटो..मजदूर की मौत के बाद रोते बिलखते हुए परिजन
फोटो..... मृतक के परिजनों को सांत्वना देते विधायक सुरेंद्र चौरसिया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना। थाना क्षेत्र के मझरटिया गांव में बृहस्पतिवार की देर रात बिजली के शाॅर्ट सर्किट से झोपड़ी में आग लग गई। यह देख झोपड़ी में बंधी बकरियों और बछिया को बचाने गया मजदूर भी आग की चपेट में आ गया। जलती झोपड़ी गिर जाने से बकरी, बछिया और मजदूर की झुलसने से मौत हो गई।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के मझरटिया गांव निवासी रंजीत प्रजापति (35) पुत्र राम नक्षत्र प्रजापति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। वह दूसरे प्रदेश में रहकर पल्लेदारी का काम करता था। परिजनों ने घर पर बकरी और गाय पाल रखी थी। बृहस्पतिवार की रात भोजन करने के बाद वह दूसरे के घर जाकर सो गया। घर के आगे बनी झोपड़ी में आधा दर्जन बकरियां और बछिया बंधी थीं। झोपड़ी से ऊपर से बिजली का तार गुजरा हुआ था। रात में केबल में शाॅर्ट सर्किट से फाॅल्ट हुआ। उससे निकली चिंगारी पशुओं की झोपड़ी पर गिर गई और आग लग गई।
यह देखकर रंजीत की पत्नी पूनम उसके पास पहुंची और उसे जगाकर घटना की जानकारी दी। वह हड़बड़ा कर बछिया और बकरियों को बाहर निकालने के लिए जलती हुई झोपड़ी में घुस गया। आग की लपट तेज होने से झोपड़ी उसके ऊपर ही गिर गई। हादसे में आधा दर्जन बकरियां, बछिया के साथ रंजीत झुलस गया। बकरियाें और बछिया की झुलसने से तत्काल मौत हो गई।
रंजीत को लेकर लोग इलाज के लिए ले जा रहे थे कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी मिलते ही आधी रात को ग्राम प्रधान श्रीनिवास यादव समेत बड़ी संख्या में लोग रंजीत के घर पहुंच गए। पिता रामनक्षत्र, मां कमलावती, पत्नी पूनम, बेटा शिवम-लड्डू और पुत्री शिवानी की चीत्कार सुनकर सांत्वना दे रहे लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
दो दिन पहले ही परदेस से आया था घर
रंजीत बाहर रहकर पल्लेदारी का काम करता था। दो दिन पहले ही वह घर आया था। परिजनों ने बताया कि उसे 15 अप्रैल को घर आना था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। रामनवमी पर्व के चलते वह चालू टिकट लेकर घर आ गया। यही बातें कह कर परिजन दहाड़ें मार रहे थे। पत्नी पूनम का कहना था कि अगर वह 15 अप्रैल को घर आए होते तो शायद उनकी जान नहीं जाती।
18 अप्रैल को बहन की आनी है बरात
रंजीत की छोटी बहन का विवाह 18 अप्रैल को तय है। वैवाहिक समारोह में भाग लेने के लिए ही वह 15 अप्रैल को घर आने वाला था, लेकिन रामनवमी पर्व के चलते जल्दी आ गया। ग्रामीणों का कहना था कि बहन को डोली में विदा करने आया भाई खुद ही दुनिया से विदा हो गया।
रामपुर कारखाना विधायक ने परिजनों को दी सांत्वना
घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र चौरसिया शुक्रवार की सुबह कार्यकर्ताओं के साथ मझरटिया गांव पहुंचे। विधायक ने परिजनों को सांत्वना दी। विधायक ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के लिए हलका लेखपाल और कानूनगो को जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम प्रधान श्रीनिवास यादव, सभासद पुत्र मोनू मद्धेशिया मनमोहन जायसवाल, आकाश मद्धेशिया, अख्तर अली आदि मौजूद रहे। संवाद