देवरिया। कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन के शिक्षक कृष्णमोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में निलंबित पटल सहायक संजीव सिंह के कमरे की आलमारी में रखी फाइलों को ताला तोड़ कर रिकवर किया जाएगा।
इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें मजिस्ट्रेट के नाम के अनुमोदन के लिए बीएसए ने डीएम को फाइल भेजी है। यह फाइलें शिक्षक कृष्णमोहन सिंह और साथी दो शिक्षकों के प्रकरण के निस्तारण के लिए आवश्यक हैं।
कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में शिक्षक कृष्णमोहन सिंह और दो अन्य शिक्षकों के प्रकरण के निस्तारण के लिए फरवरी में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को निर्णय लेने को कहा था। इस मामले में अभी तक निर्णय नहीं हो सका है। इस बीच बीते 20 फरवरी को शिक्षक कृष्णमोहन सिंह ने गोरखपुर में अपने भाई के घर पर आत्महत्या कर लिया।
अपने चार पेज के सुसाइड नोट और वीडियो संदेश में शिक्षक ने प्रकरण के निस्तारण के लिए संजीव सिंह और बीएसए पर 16 लाख रुपये प्रति शिक्षक वसूलने और चार लाख की और मांग करने का आरोप लगाया था। मृतक की पत्नी की शिकायत पर गोरखपुर के गुलरिया थाने में पटल सहायक संजीव सिंह, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और एक अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।
इधर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने तीन सदस्यीय समिति और शासन ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया। समिति की रिपोर्ट पर डीएम ने संजीव सिंह को निलंबित कर दिया। उधर शासन ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर डायट प्राचार्य अनिल कुमार सिंह को बीएसए का अतिरिक्त प्रभार दे दिया। नए बीएसए ने प्रधान सहायक तनुज श्रीवास्तव को संजीव सिंह का प्रभार सौंप दिया। इस बीच बीते छह मार्च को शासन की जांच समिति की रिपोर्ट पर तनुज श्रीवास्तव को बेसिक शिक्षा सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने निलंबित कर दिया। इसके बाद तनुज श्रीवास्तव का प्रभार बीएसए ने स्वदेश श्रीवास्तव को सौंप दिया। लेकिन पत्रावलियां संजीव सिंह के आलमारी में बंद रह गईं। इसमें कृष्णमोहन सिंह के विद्यालय के साथ अन्य एडेड स्कूलों की भी पत्रावलियां बंद हैं।