अनुराग गुप्ता की कोसी का कार्यक्रम चल रहा था। घर में सारे रिश्तेदार आ पहुंचे थे। भोजन और अन्य तैयारियां अंतिम दौर में थीं। परिवार में सब लोग बहुत खुश थे। हर तरफ खुशी का माहौल था। पर ईश्वर को शायद यह सब मंजूर ही नहीं था। सारी खुशियां पल भर में ही परवान चढ़ने से पहले ही बिखर गईं।
हे छठी माई ! हम तोहार का बिगड़ली
बेटे की लंबी उम्र और परिवार में सुख, शांति के लिए निर्मला ने व्रत और अनुराग की कोसी भराई का कार्यक्रम रखा था। वह कभी नहीं सोची होंगी कि जिस बच्चे की लंबी उम्र की कामना में वह लगीं हैं। वही बेटा इस तरह उनके सामने इस दुनिया से ऐसे अचानक छोड़कर चला जायेगा। निर्मला की करुण चीत्कार कि हे छठी माई हम तोहार का बिगड़ली सुनकर गांव के लोगों की भी आंखें नम हो गईं।