देवरिया। सरकारी व्यवस्था कैसे चल रही है? इसकी बानगी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रशासन के सेवा समाप्ति के एक आदेश के साढ़े तीन महीने बाद पहुंचने से पता चलता है। इस आदेश के तीन दिन बाद ही कर्मचारी की मौत भी हो गई। कर्मचारी पर एफआईआर दर्ज कराने और रिकवरी का आदेश दिया गया है। सीएमओ को यह जानकारी ट्रेजरी अफसर को मिले पत्र से हुई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिनेश मिश्र वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत थे। 15 जुलाई को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के प्रशासन निदेशक अविनाश गोंड ने उनकी सेवा समाप्त करते हुए एफआईआर और रिकवरी का आदेश सीएमओ को दिया, लेकिन आदेश यहां तक नहीं पहुंचा। सूत्र बताते हैं कि कुछ लोगाें ने आदेश को दबा रखा था। इसी बीच 18 जुलाई को हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। तत्कालीन सीएमओ ने उनके वेतन बना दिया और कर्मचारी की मौत के बाद मिलने वाली देनदारियां भी उनके आश्रितों को दे दी गई। चार नवंबर को ट्रेजरी अफसर के पास निदेशक प्रशासन के आदेश की प्रति पहुंची। इसमें उनके वेतन के आहरण और अन्य सभी देनदारी को रोकने की बात कही गई थी। आठ नवंबर को उन्होंने सीएमओ डॉ. एसएन सिंह को मामले की जानकारी दी। ट्रेजरी अफसर की ओर से मिले आदेश की प्रति से सीएमओ को पूरी जानकारी हुई है।
सीएमओ ने देनदारियों को रोका
मौत से पहले वरिष्ठ लिपिक दिनेश मिश्र के सेवा समाप्ति के आदेश की प्रति मिलने के बाद सीएमओ ने अब उनकी देनदारियों को रोक दिया है। संबंधित लिपिकाें को पत्र के माध्यम से उन्होंने आदेश दे दिया है।
ट्रेजरी अफसर के माध्यम से दिनेश मिश्र के सेवा समाप्ति के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद से उनके सभी देनदारी को रोक दिया गया है। चूंकि उनकी मौत हो चुकी है, इसलिए एफआईआर और रिकवरी करा पाना संभव नहीं है। निदेशक प्रशासन को वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया है।
- डॉ. एसएन सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देवरिया।