देवरिया। जिले में सूखे से 50 फीसदी से अधिक फसलाें का नुकसान शून्य आकलन करने के बाद अब जिला प्रशासन हुदहुद के प्रभाव से हुए नुकसान का आकलन करेगा। डीएम ने कृषि विभाग और तहसीलाें से नुकसान का आकलन करते हुए रिपोर्ट मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में कम बारिश से धान, गन्ना, अरहर, मक्का की फसल प्रभावित हुई तो शासन ने किसानों के दर्द को समझते हुए सूखाग्रस्त जिला घोषित कर दिया। लेकिन शासन ने जब जिला प्रशासन से सूखे की जानकारी मांगी तो जिला प्रशासन ने कहा कि जिले में सूखे से 50 फीसदी से अधिक फसलाें का नुकसान नहीं है। शासन की ओर से जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने और जिला प्रशासन की रिपोर्ट में विरोधाभास होने पर आर्थिक सहायता मिलने पर सवाल उठने लगा था। इधर, हुदहुद के कहर ने जिले में धान, गन्ना, अरहर और मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। शासन के निर्देश पर डीएम ने तहसील कर्मियाें और कृषि विभाग से फसलाें के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट मांगी है। उप निदेशक कृषि ने सहायक विकास अधिकारी (कृषि) और राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारियों से तीन दिन के भीतर आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जिन ग्राम पंचायतों में 50 फीसदी से अधिक हुई क्षति का स्पष्ट उल्लेख करें। इस महत्वपूर्ण कार्य में शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
तहसीलों और कृषि विभाग को हुदहुद से नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया गया है। अभी रिपोर्ट आई नहीं है। रिपोर्ट आने पर शासन को नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
शरद कुमार सिंह, डीएम।