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पिता ने बेटे की गला दबाकर हत्या की

Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
Deoria
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बरहज। धनतेरस की सुबह एक पिता ने अपने बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। नशे में धुत होकर वह घर आया तो पत्नी ने टोक दिया। वह उसे मारने के लिए दौड़ा। पत्नी कहीं छिप गई। इसी बीच 15 वर्षीय बेटा आ गया। पिता ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। लोग जबतक मौके पर पहुंचते वह फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव के चौकीदार की तहरीर पर पिता पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
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क्षेत्र के नदी पार के गांव परिसया देवार के पांडेय टोला में बुधवार की सुबह 10 बजे एक पिता ने अपने बेटे को गला घोंटकर मार डाला। लौहर निषाद उर्फ बड़क सुबह कच्ची के अड्डे से शराब पीकर आया। उसकी पत्नी ने शराब पीने की बात कहते हुए उसे टोका। इस पर लौहर पत्नी को मारने के लिए दौड़ा। भागकर उसकी पत्नी कहीं छिप गई। इसी बीच उसका 15 वर्षीय बेटा अजय निषाद आ गया। वह पिता को मना करने लगा। इससे नाराज होकर पिता बेटे का गला दबा दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पिता मौके से फरार हो गया। परिवार के लोग रोने-बिलखने लगे। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। दोपहर में पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि गांव के चौकीदार की तहरीर पर पिता पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
दीप पर्व पर बुझा दिया चिराग
बरहज। नशे की हालत में एक पिता इस कदर बेसुध हुआ कि अपने ही चिराग को बुझा दिया। लोग उसकी इस करतूत पर कोसते रहे। अजय निषाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय परसिया देवार में कक्षा सात का छात्र था। वह तीन भाइयों में बड़ा था। उसकी एक बहन भी है। मां कल्पाती का रोते-बिलखते बुरा हाल है। लौहर मजदूरी करता है।
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कच्ची शराब ने एक और जान ली
बरहज। नदी पार के परसिया देवार क्षेत्र में कच्ची शराब ने एक और जान ले ली। बताया जाता है कि लौहर सुबह बनने वाली एक कच्ची के अड्डे से शराब पीकर बेसुध हो गया। नशे की हालत में वह घर पहुंचा तो अपने बेटे की ही जान ले ली। इसके पूर्व भी यहां कई लोग कच्ची शराब का शिकार हो चुके हैं। नगर में एक सभासद की हत्या हो चुकी है। नदी पार में कच्ची शराब बनाने के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही है। नदी पार आवागमन की दुरूहता का फायदा उठाकर कारोबारी धंधे को बेखौफ चला रहे हैं।
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