देवरिया। प्रदेश सरकार एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल के संरक्षित तालाबों के किनारे पाटकर किए गए अवैध कब्जा को खाली कराएगी। इसके लिए उनकी स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल फर्रूखाबाद और ललितपुर को छोड़कर बाकी जिले से अभी इसकी रिपोर्ट शासन को नहीं मिली है।
सूखे से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने चार माह पूर्व पशुधन मंत्री की अध्यक्षता में बैठक में कई योजनाओं को अमलीजामा पहनाया। उसमें एक एकड़ या उससे अधिक एरिया में फैले संरक्षित तालाबों के किनारे बसे लोगों की ओर से पाटकर किए गए कब्जों को खाली कराने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय हुआ। इसके बाद राजस्व परिषद ने सभी कमिशभनर से उनके जिलों में तालाबों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है। आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद की ओर से उप भूमि व्यवस्था आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल में स्थित तालाबों के गांवों के नाम, खतौनी संख्या और दर्ज तालाब का क्षेत्रफल, तालाब की स्थिति अवैध कब्जा है कि नहीं, अवैध कब्जा है तो कितने क्षेत्रफल पर, अवैध कब्जा के प्रकार, अवैध कब्जा हटाने के लिए की गई या की जा रही कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है। अभी तक दो जिलों को छोड़कर बाकी जिलों से रिपोर्ट शासन को नहीं भेेजी जा सकी है।
जिले में आधा एकड़ से अधिक करीब 2814 तालाब हैं। जिसमें 30-40 फीसदी तालाब एक एकड़ या उससे अधिक के हैं।