इन अस्पतालों के जिम्मे है 52 गांवों के मरीज
इमरजेंसी हालत में भी नहीं मिलती कोई सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर/एकौना। दोआबा क्षेत्र के 52 गांव के लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा का इंतजाम भगवान भरोसे चल रही है। एकौना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरांव पर कागज में तैनाती के बाद भी मौके पर डॉक्टर नहीं मिलते है। इसके कारण लोगों को फार्मासिस्ट से इलाज कराना पड़ता है। दोनों अस्पताल पर रात में इमरजेंसी के दौरान फार्मासिस्ट भी नहीं मिलते। ऐसे में लोगों को इलाज कराने के लिए रुद्रपुर सीएचसी पर जाने को 40 किलोमीटर की यात्रा तय करनी पड़ रही है।
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरांव और एकौना वर्ष 2012 से ही चिकित्सकविहीन चल रहा था। सीएमओ ने जनवरी 2014 में दोनों अस्पतालों पर डॉक्टर की तैनाती कर दी। तैनाती के बाद से ही चिकित्सक एक एक माह की छुट्टी लेकर गायब चल रहे हैं। ऐसे में इन अस्पतालों पर तैनात फार्मासिस्ट ही दिन में मरीजों बुखार आदि की दवा देकर काम चला देते हैं। शाम होते ही दोनाें अस्पतालाें में सन्नाटा पसर जाता है। दोआबा के लोगाें को मेडिकोलीगल कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुद्रपुर जाना पड़ता है। जहां चिकित्सक पहले एकौना क्षेत्र का मामला बता कर मेडिकोलीगल करने से मना करने लगते हैं। कई बार मेडिकोलीगल कराने को एकौना पुलिस को भी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। क्षेत्रवासी संजय शुक्ला, मनोज यादव, महेंद्र तिवारी, गोबरी प्रसाद आदि ने कहा कि अस्पताल होने के बावजूद भी लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने सीएमओ से अस्पताल पर डॉक्टरों के रहने की मांग की। इस संबंध में सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एसएन शर्मा ने कहा कि अस्पताल पर तैनात डॉक्टरों की लगातार अनुपस्थिति की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी जा रही है। आदेश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।