देवरिया। सूबे के सभी जिलों में आरटीओ दफ्तर से जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस में नियमों की अनदेखी की जा रही है। चालकों का टेस्ट लिए बगैर ही उन्हें ड्राइवर होने का सर्टिफिकेट बांटा जा रहा है। इसी का नतीजा है कि हादसों और मृतकों की संख्या बढ़ी है।
परिवहन आयुक्त के. रविंद्र नायक ने सभी जिलाधिकारियों को इससे अवगत कराया है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले सड़क सुरक्षा और रोड सेफ्टी फंड के गठन के बावजूद हादसों में बढ़ोतरी पर ध्यान दिलाया है। पुलिस यातायात निदेशालय की रिपोर्ट के हवाले से परिवहन आयुक्त ने प्रदेश भर में तीन माह के भीतर हुए सड़क हादसों, घायलों और मरने वालों की संख्या से भी सभी को अवगत कराया है। इसमें से 15 फीसदी मौत तेज रफ्तार के चलते हुई है। कई जिलों के आरटीओ अधिकारियों की दलील है कि उनके जिले में विभाग के पास जमीन नहीं है जिससेचालकों का परीक्षण नहीं हो पाता। परिवहन आयुक्त ने जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में विचार-विमर्श कर चालकों के परीक्षण के लिए आईटीआई का मैदान या कोई अन्य वैकल्पिक स्थान चुनने का निर्देश दिया है।
इनसेट
उत्तर प्रदेश के आंकड़े
कुल दुर्घटनाएं 3222
हादसों में मौत 1722
हादसों में घायल 2327
तेज रफ्तार से मौत 203
देवरिया के आंकडे़
कुल दुर्घटनाएं 130
हादसों में मौत 42
हादसों में घायल 91
तेज रफ्तार से मौत (ज्ञात नहीं)
(नोट-ये आंकड़े 1 जनवरी 14 से 31 मार्च 14 तक के हैं। कुछ ऐसे भी हादसे हैं जो पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं।)