सलेमपुर। लार क्षेत्र में घाघरा नदी की कटान और छोटी गंडक नदी के बंधों से रिसाव शुक्रवार को भी जारी रहा। बाढ़ का पानी मेहरौना गांव में आधी रात को घुस गया। इससे लोगों को अपना आशियाना छोड़कर सड़क के किनारे शरण लेनी पड़ी। इसके अलावा कई तटवर्ती गांवों में बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है। वहीं, प्रशासनिक अमला बंधों का निरीक्षण और मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है।
परासी चकलाल-गढ़वा बंधे पर गढ़वा गांव के समीप बंधे से पानी का रिसाव हो रहा है। जिम्मेदारों के लाख प्रयास के बाद भी पानी का रिसाव अभी तक पूर्ण रूप से बंद नहीं हो सका है। वहीं घाघरा में पानी के बढ़ते दबाव से चुरिया, कौसड़ और खरवनिया गांव के सामने रेग्युलेटर और बंधे से पानी का रिसाव शुरू है। आधी रात को मेहरौना गांव में और शौकत नगर टोला में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इससे ललन साहनी, रामकिशुन गोड़, मुक्तिराम, रोशन राम, काशीराम, हरेन्द्र राजभर आदि ने घर छोड़कर रामजानकी-मार्ग पर शरण ले ली है। वहीं शौकत नगर से चुरिया टोला पर जाने वाली सड़क डूब गई है। इससे लोगों का आवागमन बंद हो गया है। वहीं चुरिया, नदौली, रोपनछपरा, परासी चकलाल, करचो, मायापुर, खेमादेई आदि गांवों के ईर्द-गिर्द बाढ़ का पानी पहुंच गया है और 300 एकड़ से अधिक किसानों की फसल डूब गई है। एसडीएम अजय कुमार ने बाढ़ खंड के अधिकारियों से साथ बंधों का निरीक्षण किया और बंधों से हो रहे रिसाव को बंद करने का आदेश दिया। वहीं बाढ़ खंड देवरिया के एई प्रभाकर शुक्ला, जेई पीपी आनंद गोरखपुर बाढ़ खंड दो के जेई वाईपी चौधरी समेत अन्य कर्मचारी बंधों पर रात गुजार रहे हैं। वहीं भाटपाररानी तहसील के मोतीपुर भुआल, बड़का गांव, जिरासो गांव के सामने छोटी गंडक तेजी से कटान कर रही है। इस बाबत एसडीएम अजय कुमार ने बताया कि बोरे में बालू, मिट्टी और गिट्टी भरकर रिसाव बंद करने का प्रयास बाढ़ खंड के कर्मचारी कर रहे हैं। वैसे बंधों और तटवर्ती गांवों पर नजर रखा जा रहा है।
तेलिया कला में बनाई मऊ की बाढ़ चौकी
मईल। मऊ जिले के चकीमुसाडीह गांव मेें बाढ़ की पानी से घिर जाने से वहां की बाढ़ चौकी देवरिया जिले के तेलिया कला गांव में बनाई गई है। वहीं घाघरा नदी के पानी से देवरहा बाबा आश्रम पूरी तरह घिर गया गया है। प्रशासन की तरफ से 31 नावें मऊ और देवरिया जिले के लोगों के लिए लगाई गई हैं।
घाघरा का जलस्तर अचानक बढ़ने से मऊ जिले के चकीमुसाडीह गांव पानी से घिर गया है। यहां जाने के लिए मात्र एक ही रास्ता है जो देवरिया जिले के मईल थाना क्षेत्र से होकर जाता है। देवरिया जिले के प्रशासन की सहमति से मऊ जिले की बाढ़ चौकी श्रीराम इंटर कॉलेज तेलिया कला में बनाया गया है। चकीमुसाडीह के लेखपाल योगेन्द्र यादव ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को बाढ़ चौकी के माध्यम से राशन और मिट्टी का तेल आदि का वितरण किया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। वहीं देवरहा बाबा काठ आश्रम पर जाने वाली सड़क भी पानी में डूब गई है।
सांसद ने बाढ़ से प्रभावित इलाके का दौरा किया
सलेमपुर। भाजपा सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने शुक्रवार को बाढ़ से प्रभावित तटवर्ती गांवों तथा बंाधों का निरीक्षण किया। साथ में मौजूद बाढ़ खंड के अधिकारियों को बंधों से हो रहे पानी के रिसाव अविलंब रोकने का निर्देश दिया। बाढ़ से घिरे गरीबों को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया। सांसद ने मेहरौना, गढ़वा, पिंडी, खेमादेई, खरवनिया आदि गांवों का दौरा किया। इस दौरान कुंज बिहारी सिंह, संजय दुबे, विष्णुकांत तिवारी, जितेन्द्र सिंह महामंत्री, बाढ़ नेता सुबाष सिंह, प्रभुनाथ मिश्र, बसावन निषाद आदि रहे।
116 गांवाें पर बाढ़ का खतरा मंडराया
रुद्रपुर/एकौना। लाल निशान पर पहुंची गोर्रा से लोगों में दहशत है। नारायनपुर और बहोरा दलतपपुर गांव में मकान कट कर नदी में गिरने शुरू हो गए हैं, वहीं 200 एकड़ फसल पानी में डूब गई है। नदियाें के विकराल रूप को देखकर कछार और दोआबा के 116 गांवाें के लोग दहशत में हैं। गोर्रा ने नरायनपुर पुल के एप्रोच पर कटान तेज कर दी है। प्रशासन ने नदी के किनारे बसे लोगाें को मकान खाली करने का निर्देश दिया है।
शुक्रवार को गोर्रा खतरे के निशान से 70.50 मीटर से पांच सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। वहीं राप्ती नदी का जलस्तर भी उफान पर है। राप्ती नदी 69.90 मीटर पर पहुंच गई है। गोर्रा नारायनपुर गांव के फेंकू, मूरत, रामजी साहनी, शेषनाथ, कोमल, रामाज्ञा, ब्रजभूषण सिंह, रामउग्रह, मुन्ना साहनी, अशोक लाल, अरविंद सिंह के मकान पर सीधे ठोकर मार रही है। इनके घर किसी भी समय नदी में विलीन हो सकती है। प्रशासन ने इन लोगाें को मकान खाली करने का निर्देश दे दिया है। बहोरा दलपतपुर में भी नदी आठ मकानाें को अपने आगोश में लेने को ठोकर मार रही है। पचलड़ी पलिया रिंग बंधे के बीच गोर्रा नदी का पानी फैलने से 200 एकड़ फसल डूब गई है। अब यह छोटी नदियाें में उफना कर फैलने लगी है। मझने, कुर्ना और बरूथनी का पानी भी खेताें में पहुंच गया है। मक्के के खेताें में पानी पहुंचने से नुकसान शुरू हो गया है। पिड़रा-भुसउल बांध पर गोर्रा का कटान जारी है।
बाढ़ से निपटने की तैयारी में जुटा प्रशासन
रुद्रपुर। नदियाें के रौद्र रूप को देखकर प्रशासन बाढ़ से निपटने की तैयारी में है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए 14 बाढ़ चौकियां बना दी गई हैं। छोटी-बड़ी 57 नावाें का इंतजाम किया गया है। ताकि बाढ़ का पानी गांवाें में फैलने पर राहत कार्य किया जा सके। बाढ़ पीड़िताें के लिए पांच शिविर बनाए गए हैं। उपजिलाधिकारी भगवानदीन ने कहा कि प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की हर तैयारी पूरी कर ली है।
घाघरा का जलस्तर घटा
बरहज। घाघरा और राप्ती नदी के जलस्तर में कमी आने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। नदी अब भी खतरे के निशान से एक मीटर पांच सेंटीमीटर ऊपर प्रवाहित हो रही है। तटवर्ती क्षेत्रों में फसल बाढ़ के पानी से डूबी हुई है। रामजानकी मार्ग पर दूसरे दिन शुक्रवार को भी भारी वाहनों का आवागमन ठप रहा। इससे ट्रकाें की लंबी लाइन लगी है। बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है।
थानाघाट पर बने मापक के अनुसार शुक्रवार को घाघरा के जलस्तर में कमी आई है। नदी खतरे के निशान 66.50 मीटर से ऊपर 67.55 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी मापी गई है। घाघरा अभी भी खतरे के निशान से एक मीटर पांच सेंटीमीटर ऊपर प्रवाहित हो रही है। राप्ती के जलस्तर में भी कमी आई है। नदी के जलस्तर में कमी से लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन तटवर्ती गांव और टोले अभी भी डूबे हुए हैं। कुंदमहाल धनया गांव में राप्ती की कटान और घरों में पानी भर जाने से लोग स्कूलों में शरण लिए हुए हैं। बांसदेव तिवारी, दीपनारायण तिवारी, संजय तिवारी के मकान गत वर्ष कट गए। इस बार मड़ई में पानी भर जाने से जूनियर विद्यालय में शरण लिए हुए हैं। भदिला प्रथम गांव एक पखवारे से पानी से घिरा हुआ है। पूर्व प्रधान रणजीत यादव, शिवचंद यादव ने बताया कि प्रशासन नाव के अतिरिक्त कोई सहायता नहीं दी है। परसिया कूरह गांव में कटान जारी है। एसडीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि लेखपालों को बाढ़ के पानी से फसलों की क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है। इसकी एक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर और टीकाकरण के लिए सीएमओ से वार्ता हुई है। जल्द ही गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा।