रुद्रपुर। सरकार की अति महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना देवरिया जिले में एक वर्ष से आईसीयू में है। इस योजना को संचालित करने को 90 हेल्थ वर्करों की भर्ती प्रक्रिया योजना लागू होने के एक साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई। एक साल में कुछ बदला तो सिर्फ योजना का नाम आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना का नाम बदल कर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना हो गया। लेकिन देवरिया में तमाम बदलाव के बाद भी योजना धरातल पर नहीं उतर पाई।
जिले में योजना को अमली जामा पहनाने को आए सवा करोड़ का बजट वापस हो सकता है। बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत सरकार सरकारी प्राथमिक और जूनियर स्कूलों के बच्चों स्वास्थ्य की गारंटी देती है। इसे संचालित करने के लिए देवरिया जिले में 32 आयुष चिकित्सकों, एमबीबीएस, दंत चिकित्सक और एएनएम सहित 90 हेल्थ वर्करों की नियुक्ति होनी है। देवरिया में नियुक्ति की प्रक्रिया एक वर्ष से चल रही है। चिकित्सकों का साक्षात्कार कराने के बाद धांधली की शिकायत पर डीएम ने भर्ती रद्द कर दी । दिसंबर 2012 में साक्षात्कार निरस्त होने के बाद पुन: जून 2013 में आवेदन कराया गया। लेकिन वर्ष बीतने के बाद भी भर्ती नहीं हो पाई। देवरिया में यह योजना उधार के डॉक्टरों के सहारे कागज में संचालित हो रही है। एनआरएचएम के डॉक्टरों को योजना का अतिरिक्त कार्य देखना पड़ रहा है। इस कारण सीएससी और पीएचसी पर ओपीडी प्रभावित हो रहा है। योजना को संचालित करने को वेतन मद में आया करीब सवा करोड़ रुपये वापस होने की स्थिति में है।
क्या कहते हैं सीएमओ
सीएमओ डॉ. एएन तिवारी ने कहा कि जिले में योजना संचालित कराई जा रही है। चिकित्सकों और हेल्थ वर्करों की भर्ती एक माह के अंदर पूरी कर ली जाएगी।
क्या है योजना का उद्देश्य
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना में विद्यालयों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण हर माह चिकित्सकों की टीम विद्यालय पर पहुंच कर करेगी। बीमार बच्चों का निशुल्क इलाज करना है। बच्चों को आयरन और एलवेंडाजोल की गोली रोज हेल्थ वर्करों को अपने सामने खिलानी है। इसके लिए हर ब्लॉक में दो गाड़ियों को हायर करना है। इन गाड़ियों से चिकित्सकों की टीम स्कूलों का दौरा करेगी और बच्चों को अपने सामने दवा खिलाएगी।
स्कूल में छुट्टी तो आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चोें का करेंगे स्वास्थ्य परीक्षण
बाल स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम के महाप्रबंधक ने विभाग को लिखा पत्र
सुनील कुमार सिंह
देवरिया। आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना में तैनात जांच टीम स्कूलों की छुट्टी होने के बाद खाली नहीं बैठेगी। जब स्कूलों की छुट्टी होगी तो वे आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेंगे। बुधवार से जिले में यह कार्य शुरू भी हो गया है।
एनआरएचएम के तहत पिछले वर्ष जिले में आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना शुरू हुई। ए और बी टीम बनाकर प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। जिले में इस योजना को संचालित करने के लिए डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है। पुराने आयुष चिकित्सकों की टीम के सहारे इस योजना को संचालित कराया जा रहा है। जब स्कूल में छुट्टी होती है तो जांच टीम के पास कोई काम नहीं रह जाता है। पर अब ऐसा नहीं होगा। बाल स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम के महाप्रबंधक ने समय के सदुपयोग का निर्देश दिया है। महाप्रबंधक के पत्र के अनुसार जब स्कूलों में छुट्टी होगी तो जांच टीम आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। महाप्रबंधक के निर्देश पर जांच टीम की ड्यूटी आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगा दी गई है।
जांच टीम ने शुरू कर दिया परीक्षण कार्य
बुधवार से जांच टीम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्य 10 जनवरी तक होना है। 11 जनवरी से टीम फिर से स्कूलों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य शुरू कर देगी।
बच्चों को दी जाएगी विटामिन्स की खुराक
आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को विटामिन्स की खुराक पिलाई जाएगी। इसके साथ दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को अलबेण्डाजॉल का सिरप दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सिरप उपलब्ध करा दिया है।
कोट
महाप्रबंधक के निर्देश पर जांच टीम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। इसके सकारात्मक परिणाम तो आएंगे ही टीम भी खाली नहीं बैठेगी।
- डॉ. एएन तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देवरिया।