देवरिया। दलित राजकुमार को आग से जलाने के मामले में रामपुर कारखाना के पुलिस इंस्पेक्टर फंस गए हैं। पीड़ित की पत्नी के तहरीर पर इंस्पेक्टर समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।
रामपुर कारखाना के बनकट बहादुरपुर निवासी अनीता देवी ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 16 दिसंबर को रात करीब आठ बजे उसके पति राजकुमार को देवरिया से घर आ रहे थे। रास्ते में गौरा चौराहा के पास कोतवाली के पिड़रा गांव निवासी अभयनंदन बरनवाल, जितेंद्र सिंह, बनकट बहादुरपुर के राम अशीष यादव और दो अज्ञात लोग गाड़ी में बैठाकर अपने ईंट-भट्ठे पर ले गए। इस दौरान इन लोगों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। उन लोगों ने कहा कि उसके पति से कहा कि भट्ठे पर शराब बेचने की शिकायत करता है। इसे तेजाब से जलाकर मार डालो। महिला का आरोप है कि उसके बाद उसके पति के ऊपर तेजाब से जला दिए और मारकर ईंट-भट्ठे पर फेंक दिए। उन लोगों ने पुलिस को सूचना दिया कि कोई आदमी बेहोश पड़ा है। थाना प्रभारी शिव प्रसाद यादव पति को जीप में बैठाकर थाने ले गए। उन लोगों ने साजिश और प्रभाव से रात में लॉकअप बंद रखे और जाति सूचक गालियां दे रहे थे। पुलिस ने मेरे पति को शांतिभंग में बंद कर दिया। बाद में राजकुमार का उपचार जिला अस्पताल में कराया गया। एसपी रविशंकर छबि ने बताया कि महिला की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।