देवरिया। स्टेशन पर लगातार जहरखुरानी के बाद भी जिम्मेदार अपनी हरकत से सबक नहीं ले रहे हैं। रविवार को जहरखुरानी की एक घटना के बाद अवैध वेंडरों पर कुछ आरपीएफ सिपाही कार्रवाई कर रहे थे। इसी बीच वेंडरों ने मामले की जानकारी सदर स्टेशन अधीक्षक को दी। इसी बात पर नाराज स्टेशन अधीक्षक आरपीएफ सिपाहियों पर बिफर पड़े। उन्हाेंने सिपाहियों की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की चेतावनी दी।
सदर स्टेशन पर अवैध वेंडरो की भरमार है। जो अपने-अपने अधिकारियों को मोटी रकम देकर अपनी दुकान चलाते हैं। सूत्र बताते है कि 15 अवैध वेंडर ऐसे हैं जो स्टेशन अधीक्षक के संपर्क में रहते हैं। इन पर आरपीएफ के साथ जीआरपी वाले भी कोई कार्रवाई नहीं करते। अधिकरियों की सरपरस्ती के चलते वेंडर आयेदिन यात्री को जहरखुरानी का शिकार बनाकर लूट लेते हैं। जब कोई मामला प्रकाश में आता है तो पुलिस वाले हरकत में आते हैं। रविवार को आरपीएफ के कुछ सिपाही स्टेशन पर अवैध रूप से बिक्री कर रहे ठेकेदार को सामान बेचने से मना किया तो वह सिपाहियों से उलझ गया। जब उन्होंने कार्रवाई की बात कही तो वेंडर सीधे एसएस के पास पहुंचे और कुछ आरपीएफ सिपाहियों की शिकायत कर दी। इसी दौरान एसएस और सिपाही आमने सामने हो गए। दोनों के बीच जमकर तकरार हुई। किसी तरह मामला शांत हुआ। एसएस और आरपीएफ के लोग एक-दूसरे पर अवैध वेंडर से सामान बेचवाने का आरोप लगवा रहे हैं। वहीं सूत्रों ने बताया कि जिस वेंडर को लेकर बवाल हुआ है। उसे बाकायदा रेलवे में क्वार्टर भी दिया गया है।