देवरिया। अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने बहू की हत्या करने के जुर्म में पति, ससुर और सास को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। खामपार थानाक्षेत्र के ततायार खुर्द में ग्राम लंगड़ा टोला बरवापट्टी के हरिश्चंद्र की बहन गीता यादव की शादी संजय यादव के साथ हुई थी। विवाह के पांच वर्ष बाद गवना हुआ। विदाई के दो माह बाद गीता का पति संजय, ससुर राजपति और सास शांति देवी ने दहेज की मांग करने लगे। संजय ने पत्नी गीता पर अपनी मां से जमीन का बैनामा कराने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। बैनामा न करवाने पर पत्नी को छोड़ने, दूसरी शादी करने और हत्या करने की धमकी देने लगा। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया। 21 अप्रैल 2010 को गला दबाकर पति, ससुर और सास के अलावा ननद बबली, शामली और चंदा ने गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में साड़ी का फंदा लगाकर टांग दिया। इस मामले में मृतका के भाई ने खामपार थाने में केस दर्ज कराया था। विवेचक ने बबली, शामली, चंदा का नाम निकाल दिया। अपर जिला सत्र न्यायधीश अंगद प्रसाद ने उभय पक्ष की कानूनी बहस को सुनने के बाद धारा 498 ए और 302 में दोषी करार दिया। सजा के बिंदुओं पर सुनवाई शनिवार को होगी।