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शहर के कई हिस्से पानी में डूबे

Wed, 16 Oct 2013 05:38 AM IST
Deoria
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देवरिया। तेज हवा और पानी से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। जिले में धान, अरहर, गन्ना की फसलों को क्षति पहुंचने से किसान कराह उठे हैं। शहर में जगह-जगह तार टूटने से 36 घंटे से अधिक समय से बिजली गुल है। शहरवासियों को बिजली नहीं मिलने से पीने के पानी के लिए तरसना पड़ा है। शहर के अधिकांश हिस्से पानी में डूबे हुए हैं। कई मोहल्लों और शहर से सटे गांवों तक में लोग घरों में दुबके हुए हैं। जिला प्रशासन इस आपदा से निपटने को तैयार नहीं था। नतीजा रहा कि शहर की जनता कराह उठी। शहरवासियों को आपदा से निपटने के लिए उचित प्रबंधन नहीं होने पर गहरी नाराजगी है।
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36 घंटे से गुल रही बिजली
रविवार सुबह से तेज हवा और फुहारें शुरू हुईं तो वह क्रम लगातार जारी रहा। सर्द हवा ने मौसम को खुशनुमा बनाया लेकिन पानी के साथ हवा आफत लेकर आया। पूरा शहर पानी पानी हो गया। सोमवार की सुबह आठ बजे बिजली गुल हुई तो दूसरे दिन मंगलवार को दोपहर में महज कुछ पल के लिए दर्शन देने आई। उसके बाद गुल हो गई। इसके कारण लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ा। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित रही। लोग यह जानने को बेताब रहे कि बिजली कब आएगी। अधिकारियों के फोन पर पूरे दिन फोन आते रहे। उन्हें जवाब देते नहीं बन रहा था। हालत यह रही कि डीएम मणि प्रसाद मिश्र मातहतों को साथ लेकर खुद सोमवार की शाम शहर का जायजा लेने निकल पड़े। शहर के नालेऔर नालियां जाम होने से पानी पानी ही दिख रहा था। काफी प्रयास के बाद भी उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। बारिश से फाल्ट की समस्या को देखते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को उन्हें ठीक करने का निर्देश दिया। लेकिन फाल्ट उन्हें ढ़ूंढे नहीं मिला और बार बार ट्रिपिंग से आपूर्ति रोकनी पड़ी। यह हाल दूसरे दिन मंगलवार को भी रहा। पूरे दिन बिजली की व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद चलती रही। दोपहर बाद कुछ देर के लिए आपूर्ति दी गई। फाल्ट होने से आपूर्ति फिर रोक दी गई। जो शाम तक बना रही।
पीने के पानी को तरसे लोग
बिजली गुल हुई तो पानी पर संकट खड़ा हो गया। लोगों के टिल्लू पंप खामोश हो गए। शहर के आधी आबादी को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हुआ। पाइपलाइन की आपूर्ति से कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। सीसी रोड, अंबेडकर नगर, राम गुलाम टोला पूर्वी, रामचंद्र शुक्ल कालोनी, देवरिया खास, उमानगर, साकेत नगर, न्यू कालोनी, चकियवां, आजाद नगर, बांस देवरिया, राघवनगर पूर्वी व पश्चिमी, रौनियारी मुहल्ला, गरुड़पार, रामनाथ देवरिया, भटवलिया, सोमनाथ मंदिर आदि में पीने के पानी को लेकर लोग परेशान रहे। जिन घरों में नल था उन्हें सहूलियत हुई बाकी लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
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सिविल लाइंस से लेकर भटवलिया तक सड़क पानी में डूबी
शहर की मेन सड़क सिविल लाइंस से लेकर पुलिस लाइंस तक पानी में डूबी रही। सड़क पर पानी होने से व्यवसायियों और ग्राहकों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। मुुंसफ कालोनी में न्यायिक अफसरों के घरों में बारिश का पानी घुस गया था। इस कालोनी के नाले और नालियों से जल निकासी नहीं हो पा रही थी। विशेष न्यायाधीश के बंगले के गेट पर पानी भरा था। कालोनी में आने जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं था। इसके अलावा कलेक्ट्रेट और दीवानी कचहरी में पानी ही पानी भरा था। डीएम आफिस में भी पानी घुस गया। पूरा कचहरी पानी में डूब गया था। नाले और नालियां पानी से लबालब होने से जल निकासी की समस्या बनी रही। कलेक्ट्रेट में पंपिंग सेट लगाकर मेन सड़क पर पानी बहाया जा रहा था। आफिसों में कोई काम नहीं हो पाया। अभिलेखागार की हालत बेहद दयनीय थी। अभिलेखों को पानी से बचाने में कर्मचारी लगे रहे। तमाम अभिलेख पानी से भीग गए। इसके अलावा शहर के अधिकांश मोहल्ले पानी से लबालब थे। इसके अलावा जिला अस्पताल, पुलिस लाइंस, एसपी आवास, क्वार्टर गार्ड, सीएमओ निवास समेत सरकारी आवासों में भी पानी घुस गया था। पेड़ा गली, नई बाजार, शहर के गल्ला मंडी, अमर ज्योति चौराहा, न्यू कालोनी, छोटा पार्क, शहर के गरूड़पार में स्थित महाराजा अग्रसेन बालिका इंटर कॉलेज, हनुमान मंदिर रोड और दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला पीजी कॉलेज, जलकल कंप्लेक्स और लकड़ी हट्टा, मालवीय रोड का बुरा हाल था।
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