देवरिया। जिले के सदर तहसील क्षेत्र में छोटी गंडक नदी के तटवर्ती गांवों में बाढ़ की तबाही को रोकने के लिए जिला प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। मानसून के आने में महज 20 दिन बाकी है। प्रशासन ने अभी तक बचाव के लिए कोई बैठक तक नहीं बुलाई। यदि इस बार जबरदस्त बारिश हुई तो बाढ़ की तबाही तय है।
सदर तहसील क्षेत्र में आने वाले चौदह गांव बैकुंठपुर, बेलवनिया उर्फ हासिमचक, खजुरिया, नौतन, भीखमपुरा, बिंदवलिया, मुड़ेरा, कोटवा, कमधेनवा, हरपुर, सिरवनिया, अहिरौली, कैथवलिया छोटी गंडक नदी के किनारे बसे हैं। नदी के कटान से इन गांवों की खेती योग्य जमीन विलीन हो रही है। बाढ़ आने से हजारों एकड़ फसलें डूब जाती हैं। किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। 15 जून से मानसून आने की संभावना जताई जा रही है। तहसील क्षेत्र के इन गांवों में बाढ़ रोकने के लिए जिला प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। अभी तक जिला स्तर पर कोई बैठक तक नहीं की गई। न ही इसके लिए कोई कार्ययोजना ही तैयार की गई। पिछले वर्ष हुई बरसात में रेनकट से बंधों की हालत भी दयनीय है। परासखाड़ बंधा और दोराची चला के बीच बंधा की हालत बेहद खराब है। मरम्मत के नाम पर खानापूरी की गई है।
नेपाल से हो वार्ता तो बने बात
देवरिया। पूर्वांचल की सहायक नदियों का उद्गम स्थल नेपाल में ही है। नेपाल में भालूबंाध, पंचेश्वर, करनाली, जलकुंडी आदि परियोजनाएं हैं। इन परियोजनाओं पर बंधे और जलाशय बनाकर बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी को रेगुलेट करके मुहाने पर ही रोका जाए तो बाढ़ की त्रासदी से कुछ हद तक बचा जा सकता है। चूंकि मामला दो देशों के बीच है ऐसे में केंद्र सरकार को पहलकर इस बाबत बातचीत करनी चाहिए। इस बाबत यूपी सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उदासीन हैं।
लाया था प्रस्ताव: सुबाष
देवरिया। पूर्वांचल में वर्ष 1998 की बाढ़ की विभीषका को लोग भूले नहीं हैं। उसे देखते हुए विधान मंडल दल के पूर्व नेता सुबाष चंद्र श्रीवास्तव वर्ष 2000 में विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में कार्य संचालन नियमावली 103 के तहत प्रस्ताव लाए थे। सदन में उन्होंने केंद्र सरकार से सिफारिश की थी कि उत्तर प्रदेश को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रीय बाढ़ आयोग की संस्तुतियों को लागू किया जाए। वह कहते हैं कि केंद्र और प्रदेश सरकारें इच्छा शक्ति के अभाव में लंबित परियोजनाएं पूरी नहीं कर रहीं हैं। उन्हाेंने डीएम को पत्र लिखकर छोटी गंडक नदी के कटान से प्रभावित चौदह गांवों का स्थलीय निरीक्षण कराकर रोकथाम के उपाय करने को कहा है।
30 मई को बैठक बुलाई गई: डीएम
देवरिया। डीएम विवेक ने कहा कि बाढ़ को लेकर 30 मई को बैठक बुलाई गई है। अधिकारियों के साथ चर्चा करके रोकने के उपाय किए जाएंगे।