फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान-प्रशासन आमने सामने!

Thu, 26 Jul 2012 12:00 PM IST
Deoria
विज्ञापन
विज्ञापन
सलेमपुर। हथुआ-भटनी रेल परियोजना को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है। उप भूमि अध्याप्ति विभाग और तहसील प्रशासन रेल लाइन के लिए गांव गांव जाकर किसानों की राय जानेंगे और अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे। प्रशासन का कहना है कि किसानों की जमीन अधिग्रहित कर ली गई है। औपचारिकता पूरी करने के लिए किसानों की रायशुमारी जरूरी है। इधर, लामबंद किसान फिर से आंदोलन की राह पर हैं।
विज्ञापन

बतादें कि वर्ष 2005-06 के रेलबजट में पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ससुराल बथुआ बाजार, गांव फुलवरिया और रिश्तेदारी पंचदेउरी को रेलमार्ग से जोड़ने के लिए देवरिया से हथुआ 84.6 किलोमीटर की रेल लाइन स्वीकृत कराई गई थी। बाद में इसे भटनी से हथुआ कर दिया गया। इसमें भटनी विकास खंड के चौदह गांवों की 102 एकड़ जमीन शासन ने अधिग्रहित कर ली। इसको लेकर किसान पिछले चार वर्षों से लगातार विरोध करते आ रहे हैं। उन्होंने इसे जन विरोधी परियोजना बताते हुए डीएम, कमिश्नर, मुख्यमंत्री, रेलमंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति से भी गुहार लगाई। किसानों ने पिछली बसपा सरकार में 100 दिन क्रमिक अनशन भी चलाया। तीन जिलाधिकारियों ने किसानों के विरोध को देखते हुए शासन से दिशा निर्देश मांगा लेकिन सपा की सरकार आते ही पुन: प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासनिक अमला किसानों से वार्ता कर भूमि अधिग्रहण की औपचारिकता पूरी करना चाहता है। ताकि आगे कोई दिक्कत न आए। इधर किसान प्रशासन की सक्रियता को देखते हुए फिर से लामबंद होने लगे हैं। जल्द ही आंदोलन की तैयारी है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें