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जन धन योजना के खाते में अचानक आने लगे रुपये

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रुद्रपुर। जन-धन योजना के तहत खुले बैंक खातों में पिछले एक सप्ताह से अचानक रुपये आने से एक बार फिर 15 लाख मिलने की चर्चा तेज हो गई है। क्षेत्र के कुछ लोगों के खाते में दो से पांच हजार रुपये आए हैं, मगर यह किस तरह के हैं, किसी को पता नहीं। बैंकों से भी कोई जानकारी नहीं मिल रही। इससे अफवाहों को बल मिल रहा है। फिलहाल लोग इस असमंजस में हैं कि इन रुपयों का इस्तेमाल करें या नहीं। तीन साल पहले क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर जन धन योजना के तहत शून्य बैलेंस पर खाते खोले गए थे। शुरुआत में मोदी सरकार की ओर से इन खातों में काला धन के 15 लाख रूपये भेजे जाने की भी चर्चा रही, मगर बाद में इसे चुनावी जुमला मानते हुए लोग शांत हो गए। पिछले कुछ दिनों से अचानक लोगों के खाते में दो से पांच हजार के बीच रूपये आने लगे हैं। बरडीहा दल के संतोष मौर्या का पीएनबी मझगांवा बैंक में एकाउंट है। उन्होंने बताया कि चार दिन पूर्व उनके खाते में 1968 रुपया आया है। पकड़ी बाजार के रामाश्रय वर्मा और धीरेंद्र के खाते में भी तीन हजार और दो हजार रुपये आ चुके है। उन्होंने खाते में रुपये आने के संबंध में बैंक कर्मियों से बात की तो बैंक कर्मी स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। कुछ लोग खाते में रुपये आने पर निकाल भी चुके है, रूपया वापस होने की आशंका में वह बैंक से भी संपर्क नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि जन धन योजना के तहत की खाते खोलवा रखे थे। बैंक के अनुसार ट्रेजरी से उनके खाते में रूपया भेजने को आए ड्राफ्ट से रूपये नेफ्ट किए गए हैं।
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केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद तेज हुई चर्चा
हाल ही में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एक बयान में कहा कि खाते में 15 लाख रुपये धीरे-धीरे पहुंचेगा। रिजर्व बैंक से पैसा न मिलने के कारण दिक्कत आ रही है। इस बयान के बाद खाते में अचानक आई धनराशि ने चर्चाओं को बल दिया है।


ट्रेजरी निधि भंडार देवरिया की ओर से खाते में रुपये जा रहे हैं। रुपये किस मद के हैं, यह बता पाना अभी संभव नहीं। करीब तीन दर्जन से अधिक लोगों के खाते में दो से पांच हजार रुपये एक सप्ताह के भीतर भेजे जा चुके हैं।
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रामशंकर, शाखा प्रबंधक, पीएनबी मझगांवा।

चर्चाएं निराधार हैं। ट्रेजरी से ऐसी कोई राशि नहीं भेजी गई। संभव है कि खाताधारक ने किसी योजना में अपना यही बैंक खाता नंबर दिया हो, जिसकी सब्सिडी का पैसा उसके खाते में आया हो। फिलहाल ऐसी कोई जानकारी हमारे पास नहीं है।
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कुलदीप सरोज, वरिष्ठ कोषाधिकारी।
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