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देवरिया का करेंसी चेस्ट मऊ और बलिया की शाखाओं को देगा कैश

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राघव नगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम पर रूपए निकालने के लिएकतार में खडे लोग। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। कैश संकट से जूझ रहे शहर के करेंसी चेस्टों के लिए बृहस्पतिवार का दिन अच्छी खबर लेकर आया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एसबीआई के करेंसी चेस्ट को 111 करोड़ रुपये की रकम उपलब्ध कराई है। देवरिया के करेंसी चेस्ट से मऊ और बलिया जिले की बैंक शाखाओं को कैश देने का निर्देश जारी हुआ है। साथ ही स्थानीय सेंट्रल बैंक और पीएनबी को दिया जाएगा। उधर, कैश की आवक होने के बाद बंद चल रहे एसबीआई और अन्य बैंकों के एटीएम चलने से जरूरतमंदों ने कुछ राहत मिली।
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शहर में एसबीआई, सेंट्रल बैंक और पीएनबी के करेंसी चेस्ट हैं। करीब 15 दिन पहले से बढ़ी मांग के बावजूद इन चेस्टों में कैश खत्म होने की कगार पर आ गया था। जिले के अधिकांश बैंक अपने रोज के जमा होने वाले रकम से बैंक शाखा चला रहे थे। बैंक प्रबंधकों की मानें तो समस्या का मूल कारण बाजार से कैश का वापस बैंक में नहीं आना है। इसलिए कैश का संकट खड़ा हुआ। ग्रामीण क्षेत्र की शाखाओं में तो 10 हजार से अधिक की रकम दी ही नहीं जा रही है। सेंट्रल बैंक मुख्य शाखा के प्रबंधक विवेक अग्रवाल ने बताया कि जिले में प्रतिदिन औसतन पांच करोड़ की जरूरत होती है। इधर महीने भर में करेंसी चेस्ट को केवल 10 करोड़ मिले हैं। जमा राशि कम होने से स्थिति खराब बनी है। ऐसे में देवरिया व कुशीनगर की कुल 63 ब्रांचों को कैसे चला जाए, यह बड़ी समस्या है।

आरबीआई को भेजी जाएगी और डिमांड
एसबीआई मुख्य शाखा के प्रबंधक पंकज कुमार ने बताया कि आरबीआई से कुछ कैश मिला है। यह मांग से कम है। प्रतिदिन की खपत करीब 2.5 करोड़ है। अभी जो कैश आया है उसे समीपवर्ती जिलों की शाखाओं को भी देना है। यह कैश खत्म होने पर फिर मांग भेजी जाएगी। कैश मिलने पर सारे एटीएम चलने लगेंगे।
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आंध्रा बैंक का एटीएम बन रहा सहारा
संकट के इस दौर में एचडीएफसी बैंक के साथ ही आंध्रा बैंक का एटीएम लोगों के लिए बड़ा सहारा बने हैं। आंध्रा बैंक के शाखा प्रबंधक अनंत कुमार ने बताया कि उनके यहां व्यापारियों के करंट एकाउंट ज्यादा हैं। इसलिए प्रतिदिन रकम जमा होने से पर्याप्त कैश आ जाता है। उनके यहां कैश की किल्लत उतनी नहीं है, इसलिए शहर के कुछ अन्य शाखाओं को भी कैश दिया जा रहा है।

अब तो कार्ड से ही पेमेंट करने की मजबूरी
एचडीएफसी बैंक के एटीएम से कैश निकालने आए विनीत श्रीवास्तव ने बताया कि कई दिनों से चक्कर लगाने के बावजूद कैश नहीं मिल रहा था। दो घंटे कतार में खड़ा रहने पर कैश मिल पाया। डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि सुबह के वक्त ही जिन बूथों पर कैश है वहां कतार लग जा रही है। रात में एक एटीएम पर जाकर इंतजार किया तो कुछ कैश मिल पाया। हालत यह हो गई कि जरूरत की चीजों के लिए भी कार्ड से पेमेंट करना पड़ रहा है। एक दवा कंपनी में एमआर जियाउल हक ने बताया कि इस तरह के हालात ने नोटबंदी की याद दिला दी है। कुछ जगहों के एटीएम को छोड़कर सारे एटीएम अब भी बंद चल रहे हैं। प्राइमरी स्कूल के शिक्षक विनोद गुप्ता ने बताया कि शादी के मौसम में कई जगहों पर न्योता देना है। आने जाने का खर्च अलग। ससुराल में ही शादी पड़ी है तो कैश की जरूरत अभी ज्यादा है। कई एटीएम का चक्कर लगाने के बाद कैश मिल पाया।

एटीएम में कैश नही मिलने से बढ़ी परेशानी
सलेमपुर। नगर के अधिकांश एटीएम के शटर बंद हैं। जहां खुले हैं वहां कैश खत्म हो चुके हैं। इससे आम जनता की परेशानियां बढ़ गई हैं। घर में शादी पड़ने के कारण लोगों को खरीदारी करने में दिक्कत हो रही है। देवरिया के बाद नगर में सबसे ज्यादा एटीएम है। नगर में भारतीय स्टेट बैंक, पीएनबी, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, एचडीएफसी, बंधन बैंक समेत करीब डेढ़ दर्जन एटीएम लगे हैं। एचडीएफसी बैंक पर कैश रहने के कारण लोगों की भीड़ एटीएम पर लग रही है। एसबीआई के सभी एटीएम का शटर गिरा हुआ है। बैंक परिसर में स्थित कैश डिपाजिट व एटीएम पर तैनात गार्ड कुछ खास लोगों को अंदर से शटर गिराकर कैश उपलब्ध करा रहे हैं। पीएनबी का एटीएम का शटर खुला था, लेकिन कैश नहीं रहने से लोग खाली हाथ लौट गए। पीएनबी शाखा के अंदर रकम निकलने के लिए लोगों की लंबी कतार लगी थी। एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने बताया कि एक-दो दिन में एटीएम की स्थिति ठीक हो जाएगी। एचडीएफसी के प्रबंधक का कहना है कि उनके एटीएम में प्रतिदिन एक करोड़ कैश डाला जाता है।
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