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आवास की आस में ‘बेघर’ हुए लाभार्थी

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देवरिया। प्रधानमंत्री आवास निर्माण की रफ्तार बेहद सुस्त है। शहर के कई लाभार्थियों के बैंक खाते में अभी पहली किस्त ही नहीं पहुंच पाई है। किसी की नींव खुदी पड़ी है तो कोई कर्ज लेकर जैसे-तैसे निर्माण करा रहा है। ताकि सिर छिपाने के लिए छत मिल जाए। यह हाल तब है जब शासन का जोर सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवास निर्माण पर है। पिछले दिनों जिले के भ्रमण पर आए प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने प्रधानमंत्री आवासों की प्रगति देख नाराजगी जताई थी। उनकी रिपोर्ट पर जिले के डीआरडीए के परियोजना निदेशक और दो बीडीओ को निलंबित भी किया जा चुका है। इसके बावजूद अफसर सुस्त पड़े हैं।
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‘अमर उजाला’ ने शहर में बन रहे प्रधानमंत्री आवास का हाल जाना तो लाभार्थियों का दर्द छलका पड़ा। शहर में हनुमान मंदिर के पीछे, देवरिया खास और भटवलिया में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण चल रहा है। भटवलिया में करीब एक दर्जन लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने घरों का निर्माण करा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में पीएम आवास निर्माण की जिम्मेदार संस्था डूडा के अधिकारी मौका मुआयना भी कर चुके हैं, लेकिन भटवलिया में एक भी लाभार्थी के खाते में पहली ही किस्त नहीं पहुंच पाई है। कुछ यही हाल शहर के अन्य मोहल्लों में बन रहे प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों का है। किसी की नींव खुदी पड़ी है तो किसी की दीवार की चिनाई रुपये के अभाव में ठप हो गई है। शहर के भीतर 201 प्रधानमंत्री आवास निर्माण का लक्ष्य है। इसके लिए दो करोड़ 51 लाख रुपये का बजट भी मिल चुका है। पीएम आवास निर्माण कराने वाले लाभार्थियों को तीन किस्तों में रकम देने की व्यवस्था की गई है। पहली किस्त 50 हजार, दूसरी किस्त डेढ़ लाख और तीसरी किस्त 50 हजार रुपये है। विभाग की मानें तो अब तक 117 लाभार्थियों के खाते में रकम भेजी जा चुकी है। इनमें से 36 लाभार्थियों के खाते में एक-एक लाख और 81 लाभार्थियों के खाते में 50-50 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। जबकि चालू वित्तीय वर्ष के समाप्त होने में अब चंद दिन ही बचे हैं।

ये है पीएम आवास का हाल
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 6626 आवास मंजूर हुए हैं। मंजूर आवासों में अब तक सिर्फ 718 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। हालत यह है कि जिले के 1851 लाभार्थियों के खाते में अब तक तीसरी किस्त भेजी जा सकी है। इस स्थिति में चालू वित्तीय वर्ष में मंजूर आवासों में 35 प्रतिशत के पूरा होने की संभावना है। सीडीओ राजेश त्यागी ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के समाप्ति से पहले ही पीएम आवास निर्माण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
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रकम मिले तब तो बने घर
शहरी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी रुपये के लिए बांट जोह रहे हैं। भटवलिया में आशा देवी ने इस आस में घर का नींव खुदवा दी थीं कि खाते में रकम जल्दी आ जाएगी। 20 दिन हो गए हैं लेकिन रकम नहीं आई। उनके पति राम निवास का कहना है कि धन के अभाव में घर नहीं बन पा रहा है। भटवलिया की रीता देवी का भी शहरी प्रधानमंत्री आवास में चयन हुआ है। इन्होंने भी जर्जर मकान गिरवा दिया है ताकि नया निर्माण करा सकें। रीता का कहना है कि वह रोज बैंक का चक्कर लगाती हैं। वहां जाने पर पता चलता है कि अभी भी रकम नहीं भेजा गया है। इसी मोहल्ले की कबूतरा देवी के घर का निर्माण करीब 19 दिनों से बंद है। डूडा ने अभी तक पहली किस्त ही नहीं भेजी है। अब वह इस आस में उधार लेकर निर्माण करा रही हैं कि रकम आने पर उधार चुकता करेंगी। भटवलिया की तीसमती देवी की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि रुपये के अभाव में घर का निर्माण नहीं हो पा रहा है। सिर से छत भी छीन गया है। पता नहीं कब सरकार पैसा देगी और उसके घर का निर्माण होगा।
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