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मानवाधिकार आयोग ने जुर्माना लगाया

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देवरिया। युवक से बदसलूकी करना जीआरपी के दरोगा को महंगा साबित हुआ है। फिलहाल कौशांबी में तैनात दरोगा के वेतन से 25 हजार रुपये कटेगा। इसके अलावा प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने को कहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद पुलिस महकमा हरकत में आ गया है।
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हनुमान मंदिर रोड निवासी दीपक बरनवाल 15 जनवरी 2013 को गोरखपुर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। जीआरपी के सिपाही जोगेंद्र कुमार ने धक्का-मुक्की की और विरोध करने पर थाने में पहुंचा दिया। प्रताड़ना की वजह से दीपक मानसिक अवसाद से ग्रसित हो गए। कानून पीड़ित न्याय मंच ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में मामला उठाया। आयोग ने फैसले में जीआरपी के तत्कालीन दरोगा के सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने और पीड़ित को 25 हजार रुपये देने का आदेश दिया। दरोगा सतेश सिंह कौशांबी में तैनात हैं। कानून पीड़ित न्याय मंच के संस्थापक शमीम इकबाल और अविनाश सिंह ने पक्ष में तर्क रखा। प्रताड़ना से व्यथित युवक का इलाज बीएचयू में हुआ। फिलहाल दीपक लोगों को मदद दिलाने में सहयोग कर रहे हैं।
यह था मामला
प्रतियोगी छात्र दीपक बरनवाल के मामले में आयोग ने एसपी रेलवे गोरखपुर से रिपोर्ट तलब की, जांच रिपोर्ट में एसआई सतेश सिंह की जवाबदेही तय की। ड्यूटी में तैनात बताया। थाना में गलत कार्य होने पर रोकने का जिम्मेदार ठहराया। हालांकि महकमा ने जांच में सिपाही के खिलाफ कोई आरोप नहीं तय किया। सिपाही जोगेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानून पीड़ित मंच जल्द ही आयोग में अपील के अलावा हाईकोर्ट में याचिका दायर भी करेगा।
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